पीलीभीत। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पीलीभीत के मार्गदर्शन में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस दौरान सालों से लंबित पड़े मामलों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित निस्तारण कराया गया, जिससे भारी संख्या में वादियों को बड़ी राहत मिली है।
तीन प्रमुख न्यायालय परिसरों में हुआ आयोजन
शनिवार को सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम 5:00 बजे तक चले इस विशेष आयोजन के तहत जनपद के तीन प्रमुख केंद्रों पर लोक अदालत लगाई गई:
- जनपद न्यायालय प्रांगण, पीलीभीत
- ग्राम न्यायालय, पूरनपुर
- बाह्य न्यायालय, बीसलपुर

2.13 लाख से अधिक केस निपटे, करोड़ों के समझौते
पूरे दिन चली इस प्रक्रिया में कुल 2,13,960 (दो लाख तेरह हजार नौ सौ साठ) मुकदमों का सफल निस्तारण किया गया। इसके साथ ही दोनों पक्षों की आपसी सहमति से कुल 11,05,08,299 रुपये (ग्यारह करोड़ पांच लाख आठ हजार दो सौ निन्यानवे रुपये) की भारी-भरकम धनराशि के समझौते कराए गए।
जनपद न्यायालय से लेकर उपभोक्ता फोरम तक के मामलों का निपटारा
निस्तारित किए गए मुकदमों में विभिन्न श्रेणियों के वाद शामिल रहे, जिसका विवरण इस प्रकार है:
- जनपद न्यायालय पीलीभीत में लंबित वाद: 3,955 मामले
- बैंक ऋण से संबंधित मामले: 965 मामले
- श्रम वाद (Labor Cases): 167 मामले
- उपभोक्ता फोरम से संबंधित मुकदमे: 10 मामले

20 वैवाहिक जोड़ों का कराया गया पुनर्मिलन
लोक अदालत में न्याय के साथ-साथ उजड़ते परिवारों को भी बचाया गया। पारिवारिक विवादों के निस्तारण के दौरान 20 वैवाहिक जोड़ों का पुनर्मिलन कराया गया, जो आपस में आपसी मतभेद भुलाकर एक साथ रहने को राजी हुए। इन सभी जोड़ों को परिवार न्यायालय पीलीभीत से हंसी-खुशी माला पहनाकर विदा किया गया।
पूर्णकालिक सचिव अरुण कान्ति यशोदास ने बताया कि इस वृहद आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सुलभ, त्वरित और सस्ता न्याय प्रदान करना रहा है, जिसमें विभाग को ऐतिहासिक सफलता मिली है।