पीलीभीत। उत्तर प्रदेश पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत जनपद पीलीभीत में साइबर सेल ने वर्ष 2026 के शुरुआती चार महीनों (जनवरी से अप्रैल) में साइबर अपराधियों के विरुद्ध एक अत्यंत प्रभावी और परिणामदायी अभियान चलाया है। पुलिस अधीक्षक पीलीभीत के निर्देशन में संचालित इस अभियान के दौरान तकनीकी और विधिक स्तर पर सख्त कार्रवाई करते हुए साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने का प्रयास किया गया है। पुलिस ने तकनीकी कार्रवाई के अंतर्गत NCRP पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर अब तक 319 संदिग्ध मोबाइल नंबरों और 247 IMEI नंबरों को ब्लॉक कराया है। इसके साथ ही, आर्थिक धोखाधड़ी के शिकार हुए पीड़ितों को त्वरित राहत देते हुए पुलिस ने ₹83,44,008 की धनराशि बैंक खातों में होल्ड कराई और ₹16,64,769 की राशि पीड़ितों के खातों में सफलतापूर्वक वापस भी सुनिश्चित कराई है।
अपराधियों पर शिकंजा कसते हुए जनपद पुलिस ने ₹5 लाख से अधिक की धोखाधड़ी से संबंधित 6 गंभीर अभियोग पंजीकृत किए, जिनमें संलिप्त 12 अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा गया है। केवल साइबर ठगी ही नहीं, बल्कि गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी में भी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस अवधि में कुल 326 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मूल स्वामियों को सौंपे गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹46,29,200 आंकी गई है। जनता को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा अब तक 350 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, ताकि आमजन को ऑनलाइन ठगी के तौर-तरीकों और उनसे बचाव के प्रति सतर्क किया जा सके। जनपद पुलिस डिजिटल सुरक्षा और आमजन के विश्वास को बनाए रखने के लिए इस दिशा में निरंतर कठोर कदम उठाने हेतु प्रतिबद्ध है।
(आधुनिक दुनिया को सभी स्थानों पर संवाददाताओं की आवश्यकता है। इच्छुक संपर्क करें- 8923815100 व्हाट्अप पर अपना नाम, स्थान, यदि कोई अनुभव है तो उसकी जानकारी और कहां से संवाददाता बनना चाहते हैं उस स्थान का नाम लिखें संपर्क करें। यदि आप पत्रकारिता सीखने के इच्छुक हैं, तो भी संपर्क कर सकते हैं।)