​पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) प्रशासन ने वन्यजीवों की बढ़ती सक्रियता और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। पीटीआर प्रशासन ने पक्की पटरी के सामने स्थित ‘भेला ग्रास लैंड’ (बेल के घास के मैदान) में तत्काल प्रभाव से पर्यटकों के वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम इलाके में लगातार घूम रहे जंगली हाथियों के झुंड और बाघों की मौजूदगी को देखते हुए सतर्कता के तौर पर उठाया गया है।
​प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) मनीष सिंह ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पिछले तीन दिनों से नेपाल से आए जंगली हाथियों का एक झुंड बाईफरकेशन और उसके आसपास के इलाके में लगातार डेरा डाले हुए है। हाथियों के इस झुंड को सबसे पहले बाईफरकेशन जाने वाली पक्की पटरी पर देखा गया था, जिसके बाद यह झुंड भेला ग्रास लैंड की तरफ बढ़ गया। चूंकि आमतौर पर पर्यटक वाहन इस घास के मैदान तक जाते हैं, इसलिए हाथियों की आक्रामक उपस्थिति को भांपते हुए इस पूरे क्षेत्र में पर्यटक वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया गया है।
​वन विभाग के मुताबिक, वर्तमान में दो अलग-अलग जंगली हाथियों के झुंड महोफ और माला रेंज के बीच लगातार विचरण कर रहे हैं। पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहता, इसीलिए यह पाबंदी लागू की गई है। इसके साथ ही, वन्यजीवों की निगरानी को और कड़ा कर दिया गया है।
​हाथियों के अलावा, टाइगर रिजर्व के विभिन्न इलाकों में बाघों की चहल-पहल भी काफी बढ़ गई है। अधिकारियों के अनुसार, बाईफरकेशन के समीप ही एक बाघ की उपस्थिति दर्ज की गई है, जिससे सुरक्षा को लेकर संवेदनशीलता और बढ़ गई है। केवल इतना ही नहीं, माला रेंज की बरकती बीट के अंतर्गत आने वाले रूपपुर गांव में भी एक बाघ को लगातार घूमते हुए देखा गया है, जिससे ग्रामीणों में भी कौतूहल और डर का माहौल है। प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि स्थिति को नियंत्रण में रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए संबंधित रेंजों के स्टाफ को चौबीसों घंटे पूरी सतर्कता बरतने और गश्त तेज करने के सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

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