पीलीभीत। जनपद के किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना अब अनिवार्य कर दिया गया है। शासन द्वारा इसके लिए 30 अप्रैल 2026 की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, जनपद में कुल 3,14,397 कृषकों में से अब तक लगभग 2,70,000 किसानों ने ही पंजीकरण कराया है, जिसका अर्थ है कि अभी भी करीब 25 प्रतिशत किसान इस प्रक्रिया से शेष हैं। जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल ने सभी कृषकों से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र, कृषि विभाग के कर्मचारी, लेखपाल या पंचायत सहायक के माध्यम से अपनी रजिस्ट्री पूर्ण करा लें। पंजीकरण हेतु किसानों को खतौनी, आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ रखना आवश्यक है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में सरकारी सुविधाओं का लाभ केवल पंजीकृत किसानों को ही मिलेगा। आगामी समय में अपनी कृषि उपज केवल उन्हीं किसानों द्वारा सरकारी क्रय केंद्रों पर बेची जा सकेगी, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री होगी। साथ ही, 1 जून 2026 से उर्वरकों (खाद) का वितरण भी पूरी तरह से फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ दिया जाएगा, यानी उस तिथि के बाद केवल पंजीकृत किसान ही उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त पीएम किसान सम्मान निधि की आगामी किस्त, कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, रेशम, गन्ना एवं राजस्व विभाग सहित समस्त विभागीय योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है। जिला कृषि अधिकारी ने सभी संबंधित किसानों को सलाह दी है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा न करें और प्राथमिकता के आधार पर अपना पंजीकरण करवा लें।
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