पीलीभीत। वैश्विक ऊर्जा संकट, बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर समस्याओं से निपटने के लिए सामाजिक संस्था ‘द रूट क्लब’ ने एक सराहनीय पहल की है। संस्था के पदाधिकारियों ने नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश शासन को एक ज्ञापन भेजकर जनपद पीलीभीत में सप्ताह में दो दिन ‘नो व्हीकल डे’ लागू किए जाने की पुरजोर मांग की है। संस्था ने भारत सरकार और प्रधानमंत्री द्वारा समय-समय पर पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए की जाने वाली अपीलों का हवाला देते हुए इस कदम को जनहित और राष्ट्रहित में बेहद जरूरी बताया है।
ज्ञापन में एआरटीओ विभाग और पेट्रोल पंप एसोसिएशन के चौंकाने वाले आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि 11 मई 2026 तक जनपद में कुल 1,95,319 वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें सर्वाधिक 1,76,382 मोटरसाइकिलें और 15,118 कारें शामिल हैं। इन वाहनों के कारण जिले में प्रतिदिन लगभग 40,000 लीटर डीजल और 15,000 लीटर पेट्रोल की भारी-भरकम खपत हो रही है, जिससे वायु प्रदूषण और स्थानीय तापमान में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। संस्था ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस अत्यधिक प्रदूषण और बढ़ते तापमान का पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
क्लब के पदाधिकारियों ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेज़ और मौसम विभाग की रिपोर्ट का संदर्भ देते हुए बताया कि पक्षियों के सफल प्रजनन के लिए आदर्श तापमान जहां 37.5 से 37.8 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए, वहीं वर्ष 2026 में पीलीभीत का अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। यह अत्यधिक तापमान पक्षियों के प्रजनन चक्र को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है, जिससे कई दुर्लभ प्रजातियों के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है। ‘द रूट क्लब’ ने मुख्यमंत्री से प्रार्थना की है कि इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों, सार्वजनिक परिवहन, सीएनजी वाहनों, स्कूल बसों और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को ‘नो व्हीकल डे’ से मुक्त रखते हुए इस पर्यावरण हितैषी नीति को जल्द से जल्द लागू किया जाए। इस दौरान संस्था के अध्यक्ष अरीब अहमद वारसी, सचिव शिवम कश्यप एडवोकेट, ओम वर्मा, मोहम्मद जिलानी, मो. फरहान, मो. अली मंसूरी, सैय्यद हन्नान और हर्ष मेहता सहित क्लब के कई पदाधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।