हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से सरकारी स्वास्थ्य दावों की पोल खोलने वाली एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक गहरे तालाब में डूबने के कारण तीन मासूम बच्चों की असमय मौत हो गई। इस भीषण त्रासदी के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की असंवेदनशीलता का ऐसा भयावह चेहरा देखने को मिला, जिसने पूरे सूबे को शर्मसार कर दिया है। पीड़ित परिवार को अस्पताल जाने के लिए जब एक अदद सरकारी एम्बुलेंस तक नसीब नहीं हुई, तो मजबूर ग्रामीण तीनों बच्चों के शवों को मोटरसाइकिल (बाइक) पर बीच में लादकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भागे। इस अमानवीय मंजर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यूपी के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

🔴 सुमेरपुर के बंधुर बुजुर्ग गांव में मातम, खेलते-खेलते तालाब में समाए 3 चिराग

यह हृदयविदारक हादसा हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बंधुर बुजुर्ग गांव में घटित हुआ। जानकारी के मुताबिक, गांव के तीन मासूम बच्चे (उम्र 6 से 8 वर्ष) दोपहर के समय घर के बाहर एक साथ खेल रहे थे। खेलते-खेलते तीनों बच्चे अचानक गांव के ही एक गहरे तालाब के किनारे चले गए। इसी दौरान पैर फिसलने के कारण तीनों बच्चे गहरे पानी में समा गए। काफी देर तक जब बच्चे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद तीनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। एक साथ तीन मासूमों की मौत से पूरे गांव में कोहराम मच गया।

🔴 चीखते रहे परिजन, समय पर नहीं आई एम्बुलेंस

हादसे के बाद असली प्रशासनिक क्रूरता तब देखने को मिली जब बच्चों की जान बचाने की आखिरी उम्मीद में परिजनों ने तत्काल सरकारी एम्बुलेंस (102/108) को फोन किया। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि आपातकालीन स्थिति होने के बावजूद काफी देर तक कोई भी सरकारी वाहन या एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। जब सिस्टम से उम्मीद टूट गई, तो बदहवास ग्रामीण जिला प्रशासन के भरोसे बैठने के बजाय खुद आगे आए। ग्रामीणों ने तीनों बच्चों के शवों को दो मोटरसाइकिलों पर आगे-पीछे और बीच में किसी सामान की तरह फंसाया और उसी बेसुध स्थिति में बाइक दौड़ाते हुए सीधे सुमेरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचे।

🔴 डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, वायरल वीडियो पर भड़की जनता

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर डॉक्टरों ने तीनों बच्चों को आधिकारिक रूप से मृत घोषित कर दिया। वहीं, घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक बाइक पर मासूमों के शवों को ले जाने का यह रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो इंटरनेट पर आग की तरह फैल गया है। सोशल मीडिया पर लोग हमीरपुर जिला प्रशासन और डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के ‘असरदार स्वास्थ्य सिस्टम’ के दावों पर तीखे सवाल उठा रहे हैं। जनता का कहना है कि वीआईपी कल्चर के लिए दौड़ने वाले वाहनों के बीच गरीबों के शवों के लिए एक एम्बुलेंस तक का न मिलना बेहद शर्मनाक है। मामले के तूल पकड़ने और चौतरफा फजीहत होने के बाद जिला आलाधिकारियों ने घटना पर संज्ञान लेते हुए एम्बुलेंस की देरी को लेकर जांच के आदेश जारी किए हैं।

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