विधि संवाददाता,​ पीलीभीत। विशेष सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) अनु सक्सेना ने वर्ष 2008 के एक चर्चित मामले में फैसला सुनाते हुए दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने केबल चोरी और गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुबारक और अफरोज को तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, दोनों दोषियों पर सात-सात हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
​गन्ने के खेत से बरामद हुआ था चोरी का तार

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 17 अगस्त 2008 का है। थाना पूरनपुर के उपनिरीक्षक आत्माराम पुलिस बल के साथ वांछित अपराधियों और चोरी के माल की तलाश में गश्त पर थे। जब पुलिस टीम ग्राम मुजफ्फरनगर से वापस लौट रही थी, तभी मुजफ्फरनगर मोड़ के पास पुलिया पर मोटरसाइकिल की रोशनी में दो व्यक्ति गन्ने के खेत से केबल निकालते हुए दिखाई दिए। पुलिस द्वारा घेराबंदी किए जाने पर दोनों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान पूरनपुर निवासी मुबारक और लखीमपुर खीरी निवासी अफरोज के रूप में हुई।
​दूरसंचार व्यवस्था हुई थी ठप
तलाशी के दौरान इनके पास से 55 मीटर पतला और 90 मीटर मोटा भूमिगत (अंडरग्राउंड) केबल बरामद हुआ। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह तार भगवंतापुर और मुजफ्फरनगर क्षेत्र से चोरी कर गन्ने के खेत में छिपाया था। इन अभियुक्तों द्वारा भूमिगत केबल काटने से क्षेत्र की दूरसंचार प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त हो गई थी और टेलीफोन सेवाएं ठप होने से जनता में भारी आक्रोश व्याप्त था।
​न्यायालय ने माना गंभीर अपराध
पुलिस ने विवेचना के दौरान पाया कि यह एक संगठित गिरोह बनाकर किया गया अपराध था, जिसके बाद इनके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार शुक्ल ने प्रभावी पैरवी की और न्यायालय के समक्ष महत्वपूर्ण गवाह पेश किए। पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, न्यायालय ने जनहित और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के कृत्य को गंभीर मानते हुए दोनों को सजा सुनाई।

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