रायबरेली। राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुए दर्दनाक हादसे के बाद उत्तर प्रदेश का शासन और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। इसी क्रम में रायबरेली जिला प्रशासन ने बिना सुरक्षा मानकों और बिना पंजीकरण के चल रहे कोचिंग सेंटरों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के तहत जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में अब तक कुल 16 कोचिंग संस्थानों को सील किया जा चुका है। इस बड़ी कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है।

शहर और महाराजगंज में दर्जनों संस्थान सील, कई ने खुद ही की छुट्टी
प्रशासनिक टीमों द्वारा नियमों की अनदेखी करने वाले कोचिंग सेंटरों पर की जा रही कार्रवाई के तहत रायबरेली शहर क्षेत्र में 12 संस्थानों को सील किया गया है, जबकि महाराजगंज इलाके में 4 संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन के इस कड़े रुख और औचक निरीक्षण के डर से क्षेत्र के कई अन्य कोचिंग संचालकों ने कार्रवाई से बचने के लिए अपने संस्थानों में पहले से ही छुट्टी घोषित कर दी और सेंटरों पर ताले लगा दिए।

डीएम कार्यालय पहुंचे कोचिंग एसोसिएशन के पदाधिकारी
कार्रवाई से घबराए कोचिंग एसोसिएशन के पदाधिकारी और संचालक कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला अधिकारी (DM) कार्यालय पहुंचे। एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। संचालकों ने प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत के दौरान कहा कि वे सरकार द्वारा तय किए गए सभी नियमों का पालन करने के लिए तैयार हैं, लेकिन अचानक हो रही इस सीलिंग की कार्रवाई से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

मानक पूरे करने का दिलाया भरोसा, मांगा समय
कोचिंग एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने जिला अधिकारी से अनुरोध किया है कि उन्हें अपने संस्थानों में सुरक्षा मानकों (जैसे फायर एनओसी, इमरजेंसी एग्जिट और वेंटिलेशन) को दुरुस्त करने के लिए कुछ समय दिया जाए। संचालकों ने भरोसा दिलाया कि तय समय सीमा के भीतर सभी कमियों को पूरा कर लिया जाएगा और छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। प्रशासन ने उनकी बातों को सुना है, लेकिन साफ कर दिया है कि छात्रों की जान को जोखिम में डालकर किसी भी संस्थान को चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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