नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में सेना इंजीनियरी सेवा (एमईएस) के प्रशिक्षु अधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और तकनीकी उत्कृष्टता के साथ कार्य करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने युवा अधिकारियों से अपने कार्य में पेशेवर दृष्टिकोण बनाए रखने और उच्चतम मानकों का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में इंजीनियरिंग सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ करना चाहिए।
राष्ट्रपति ने अधिकारियों को नवाचार अपनाने और आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी परिवेश में नई प्रौद्योगिकियों का प्रभावी उपयोग न केवल कार्यक्षमता बढ़ाएगा, बल्कि देश की सामरिक और बुनियादी ढांचा क्षमताओं को भी मजबूत करेगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा अधिकारी अपनी प्रतिभा, मेहनत और प्रतिबद्धता के बल पर सेना इंजीनियरी सेवा की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाएंगे तथा राष्ट्र की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।