सितारगंज। स्क्रैप मैटेरियल की खरीद के नाम पर 1 करोड़ 45 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्राम गुरूनानक फार्म बरी, पुलभट्टा (किच्छा) निवासी मंदीप सिंह ने कोतवाली सितारगंज में दी तहरीर में बताया कि स्क्रैप मैटेरियल खरीदने के लिए 29 मार्च 2025 को उन्होंने राजस्थान के श्रीगंगानगर निवासी विवेक आहूजा के खाते में ऑनलाइन माध्यम से 45 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे।
इसके अलावा उनकी पार्टनरशिप फर्म मैसर्स डिलाइट ट्रेडर्स के खाते से 40 लाख रुपये माहतो इंटरप्राइजेज के खाते में भेजे गए। आरोप है कि 30 लाख रुपये नगद शैवी वर्मा को दिए गए, जबकि 30 लाख रुपये देहरादून निवासी परिचित दीपक के माध्यम से नगद उपलब्ध कराए गए। इस प्रकार कुल 1 करोड़ 45 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
पीड़ित का आरोप है कि पूरी रकम मिलने के बावजूद आरोपियों ने स्क्रैप मैटेरियल की आपूर्ति नहीं की। काफी समय तक माल नहीं मिलने पर जब उन्होंने विवेक आहूजा और उसके कथित साझेदार शैवी वर्मा से संपर्क किया तो दोनों ने रकम लौटाने का आश्वासन दिया।
तहरीर के अनुसार आरोपियों ने धनराशि वापस करने के नाम पर कोटक महिंद्रा बैंक का एक स्विफ्ट कोड उपलब्ध कराया और दावा किया कि इसी माध्यम से रकम वापस कर दी जाएगी, लेकिन आज तक कोई भुगतान नहीं किया गया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि दोनों ने सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी कर उसकी रकम हड़प ली।
क्षेत्राधिकारी बी.एस. धोनी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है तथा जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।