पीलीभीत। केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा कानून का नाम बदलने और लखनऊ में विधानसभा घेराव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को पीलीभीत के कांग्रेसियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। प्रांतीय आह्वान पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा और शहर अध्यक्ष श्रीकृष्ण गंगवार के नेतृत्व में कार्यकर्ता देवहा नदी स्थित राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष मौन धारण कर शांतिपूर्ण तरीके से सरकार की दमनात्मक कार्यवाही का विरोध किया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गांधी विरोधी मानसिकता के चलते मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को खत्म करने का प्रयास कर रही है। इसी के विरोध में 17 फरवरी को लखनऊ में आयोजित ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के दौरान यूपी सरकार ने कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट किया और विधानसभा घेराव से रोकने के लिए बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया। इस घटना में प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता घायल हुए थे, जिसकी पीलीभीत कांग्रेस ने कड़े शब्दों में निंदा की है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की दमनकारी नीतियों के बावजूद कांग्रेस किसानों और मजदूरों के हक की लड़ाई जारी रखेगी।
इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में पूर्व शहर अध्यक्ष अभिनव गुप्ता गोल्डी, जिला महासचिव नागेश पाठक, जिला सचिव नरेश शुक्ला, ब्लॉक अध्यक्ष हरीश कुमार सिंह मौर्य और एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा मुख्य रूप से शामिल रहे। इनके अतिरिक्त किरन पाल सिंह, यूथ कांग्रेस कार्यवाहक अध्यक्ष संदीप गंगवार, नफीसा, मुन्नी, जीतू, लेखराज राठौर, नंद किशोर, गौरव शर्मा, लालबहादुर और श्रीकृष्ण वर्मा सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।