​पीलीभीत। पावन पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में ब्रजभाव रसिक परिकर पीलीभीत के तत्वावधान में वल्लभनगर कॉलोनी स्थित बाबा ओंकारेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में संगीतमयी कथा भक्ति ज्ञान वैराग्य यज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कथा के छठे दिवस पर दिव्य रुक्मिणी मंगल विवाह उत्सव की अनुपम भाव माधुरी का प्रसंग श्रद्धालुओं को श्रवण कराया गया। श्रीधाम वृन्दावनवासी ठाकुर श्रीरासबिहारीलाल के लाड़ले कथाव्यास श्री गोकुल ठाकुर जी महाराज जी ने अपने मुखारबिंद से इस रसमयी प्रसंग की व्याख्या की, जिसे उपस्थित सभी शैव और वैष्णव भक्तवृंद ने भावविभोर होकर सुना।
​विवाह उत्सव के दौरान भगवान द्वारिकाधीश जी और माता रुक्मिणी जी की मनमोहक सचल झांकी सजाई गई, जिसने सभी भक्तों का मन मोह लिया। मंच पर जैसे ही युगल जोड़ी ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, पूरा प्रांगण तालियों और जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर ब्रजभाव रसिक परिकर के सदस्यों ने दिव्य केलिकुंज के भाव से पावन राधानाम का संकीर्तन किया, जिस पर विवाह उत्सव में पधारे श्रद्धालु झूमकर नाचने-गाने लगे और अपने युगल सरकार को विवाह की बधाइयां दीं। कथा के मुख्य यजमानों के साथ ही बाबा ओंकारेश्वर महादेव के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। कथाव्यास जी ब्रज संस्कृति के मूल को जीवंत रखते हुए ब्रजभाषा में कथा का रसपान करा रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य श्रीवृंदावन धाम के तत्वज्ञान को भक्तों के हृदय में स्थापित करना है। 31 मई से शुरू हुई यह सात दिवसीय कथा 06 जून तक रोजाना शाम 07 बजे से आयोजित की जा रही है।
​इस धार्मिक आयोजन में नगर के गणमान्य प्रबुद्धवर्ग और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रोताओं में मुख्य रूप से एडवोकेट मुरली मनोहर अग्रवाल, डिग्री कॉलेज के प्रधानाचार्य दुष्यंत सिंह, प्रणव शास्त्री, दुर्गादास राजानी, अशोक गंगावर, कपिल अग्रवाल, डॉ. राजेश वार्ष्णेय, डॉ. ओपी गिरी, सभासद चैतन्य गंगवार, अनुराग शर्मा, गोविंद अग्रवाल, सरदार परमजीत सिंह पम्मी, सचित अग्रवाल, हरवंश कुमार, अक्षत चित्रांश, जगदीश लोधी, मयंक वर्मा, हिमांशु अग्रवाल, सार्थक गुप्ता, प्रियांशु शर्मा, दीपक मौर्य, रुपेश मिश्रा, पंकज वर्मा, शिवम सैनी, अटल शुक्ला, भाजपा जिला मंत्री ऋचा सिंह पटेल, डॉ. रिद्धि अग्रवाल, निहारिका, चांदनी वर्मा, शालिनी वर्मा, साक्षी शर्मा, शकुंतला गंगवार, अल्पी, आरती शर्मा और आस्था सहित सैकड़ों भक्त शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में ब्रजभाव रसिक परिकर ने सभी आगंतुकों का अभिनंदन किया। इस दौरान भक्त अभिषेक सिंह गोल्डी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बिना भोलेनाथ की कृपा के कोई भी भक्त वृंदावन की प्राप्ति नहीं कर सकता, इसलिए शैव ही वैष्णव की पूर्णता है और वैष्णव भक्त जब शैव हो जाए तभी वह पूर्ण माना जाता है।

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