विधि संवाददाता, पीलीभीत। जनपद के बहुचर्चित विवाहिता हत्याकांड में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। थाना दियोरिया कला क्षेत्र के ग्राम नवीनगर में हुई संगीता देवी की निर्मम हत्या के आरोपी पति रामसिंह उर्फ रामू की जमानत याचिका को जनपद सत्र न्यायाधीश रविन्द्र कुमार ने सिरे से खारिज कर दिया है। माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का गहन अवलोकन करने के बाद मामले को अत्यंत गंभीर प्रकृति का पाते हुए आरोपी को किसी भी प्रकार की राहत देने से साफ इनकार कर दिया।
अभियोजन कथानक के अनुसार, मृतका संगीता देवी के भाई मुकेश कुमार ने थाना दियोरिया कला में लिखित तहरीर देकर अपनी बहन की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में बताया गया था कि संगीता की शादी वर्ष 2022 में नवीनगर निवासी रामसिंह उर्फ रामू के साथ हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति और ससुराल पक्ष के अन्य लोग संगीता को अतिरिक्त दहेज और अन्य बातों को लेकर शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे थे। मायके पक्ष ने कई बार लोक-लाज और बहन के घर बसाने की खातिर ससुराल वालों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया।
प्रताड़ना का यह सिलसिला अंततः एक खौफनाक वारदात में बदल गया। आरोप है कि 5/6 नवंबर 2025 की दरमियानी रात को पति रामसिंह और अन्य ससुराल वालों ने मिलकर संगीता देवी की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने भाई की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मुख्य आरोपी पति रामसिंह उर्फ रामू को जेल भेज दिया था। जेल में बंद आरोपी की ओर से जिला सत्र न्यायालय में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई थी। अदालत में सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता (अभियोजन पक्ष) ने जमानत का पुरजोर विरोध करते हुए इसे जघन्य अपराध बताया, जिसके बाद न्यायाधीश रविन्द्र कुमार ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका निरस्त करने का आदेश पारित किया।