रुद्रपुर | पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए भारत सरकार द्वारा की गई ईंधन बचत की सार्वजनिक अपील का असर उत्तराखंड पुलिस में देखने को मिला है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ऊधमसिंह नगर अजय गणपति ने जनपद पुलिस कार्यालयों के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए तत्काल प्रभाव से “फ्यूल अनुशासन पॉलिसी” (Fuel Discipline Policy) लागू कर दी है। इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य ईंधन की बचत, पर्यावरण संरक्षण और सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
शनिवार को दफ्तर में गाड़ियों की एंट्री बंद
एसएसपी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, जिला पुलिस कार्यालय एवं अन्य सभी अधीनस्थ पुलिस इकाइयों में नियुक्त समस्त पुलिस अधिकारी और कर्मचारी सप्ताह में एक दिन यानी प्रत्येक शनिवार को “नो व्हीकल डे” (No Vehicle Day) मनाएंगे। इस दिन कोई भी अधिकारी या कर्मचारी कार्यालय आने-जाने के लिए अपने व्यक्तिगत या सरकारी वाहनों का प्रयोग नहीं करेगा। सभी को पैदल, साइकिल या सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से दफ्तर पहुंचना होगा।
ऑनलाइन होंगी अपराध समीक्षा बैठकें
ईंधन खर्च और आवाजाही को कम करने के लिए थानों और चौकियों के स्तर पर होने वाली रूटीन बैठकों के तौर-तरीकों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब थाना स्तर पर आयोजित होने वाली विभिन्न गोष्ठियां, अपराध समीक्षा बैठकें (Crime Review Meetings), ओ.आर. (Orderly Room) तथा अन्य प्रशासनिक बैठकें फिजिकल रूप से आयोजित करने के बजाय यथासंभव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से आयोजित की जाएंगी। इससे सुदूर थानों के प्रभारियों को रुद्रपुर मुख्यालय तक गाड़ी चलाकर आने की आवश्यकता नहीं होगी।
वाहनों का अनावश्यक प्रयोग बंद, पैदल गश्त को प्राथमिकता
पॉलिसी के तहत पुलिसिंग की बुनियादी व्यवस्था में सुधार लाते हुए दिन और रात्रि गश्त (Petrolling) के दौरान पैदल गश्त (Foot Patrolling) को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। एसएसपी अजय गणपति ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर सरकारी वाहनों का अनावश्यक प्रयोग बिल्कुल न किया जाए। इस निर्णय से जहां सरकारी खजाने पर ईंधन का आर्थिक बोझ कम होगा, वहीं पैदल गश्त बढ़ने से अपराधियों में खौफ और आम जनता के बीच पुलिस की पहुंच अधिक मजबूत होगी।