लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एलपीजी (LPG) गैस की किल्लत और आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। आज लखनऊ में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है।
जमाखोरों और अफवाह फैलाने वालों की खैर नहीं
सीएम योगी ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा, “एलपीजी की कमी से संबंधित अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि कोई गैस वितरक एजेंसी या व्यक्ति कालाबाजारी या जमाखोरी (Black Marketing) में लिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई की जाए।”

बुकिंग के बाद समय पर मिलेगा सिलेंडर
मुख्यमंत्री ने तेल कंपनियों को निर्देश दिया है कि जिन उपभोक्ताओं ने गैस सिलेंडर बुक कराया है, उन्हें नियमों के अनुसार निर्धारित समय के भीतर डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। किसी भी स्तर पर ‘कृत्रिम कमी’ (Artificial Shortage) पैदा करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुरक्षा के लिए तैनात होगी पुलिस, बनेगा कंट्रोल रूम
वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाने के लिए सीएम ने बड़े फैसले लिए हैं:
- पुलिस की तैनाती: गैस वितरण केंद्रों पर भीड़ या अव्यवस्था की स्थिति में तत्काल पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
- कंट्रोल रूम: खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे हर जिले की निगरानी के लिए एक समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित करें।
- टीम वर्क: जिलाधिकारियों (DM), पुलिस अधीक्षकों (SP) और जिला पूर्ति अधिकारियों को तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर काम करने को कहा गया है।
जनता से अपील: घबराएं नहीं!
सरकार ने जनता को भरोसा दिलाया है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है। लोग पैनिक न करें और केवल अधिकृत माध्यमों (ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन) से ही बुकिंग कराएं।
