नई दिल्ली/मुजफ्फरबाद। भारत के खिलाफ आतंकी साजिशें रचने वाले खूंखार दुश्मनों के सफाए की कड़ी में सीमा पार से एक और बड़ी खबर सामने आई है। साल 2019 में हुए भीषण पुलवामा आत्मघाती हमले में शामिल और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की हिटलिस्ट में शुमार मोस्ट वांटेड आतंकी अरजमंद गुलजार उर्फ हमजा बुरहान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में मारा गया है। खुफिया सूत्रों से मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, PoK के मुजफ्फरबाद इलाके में अज्ञात बंदूकधारियों ने घात लगाकर उस पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) और वहां पल रहे आतंकी संगठनों में हड़कंप मच गया है।
पुलवामा हमले की रची थी साजिश, पाकिस्तान में शिक्षक बनकर छिपा था आतंकी
हमजा बुरहान प्रतिबंधित आतंकी संगठन ‘अल बद्र’ का शीर्ष कमांडर था और घाटी में कई बड़ी आतंकी वारदातों को अंजाम देने का मुख्य आरोपी था। वह मूल रूप से दक्षिण कश्मीर के पुलवामा का ही रहने वाला था, लेकिन पिछले करीब सात सालों से वह सीमा पार भागकर पाकिस्तान और PoK को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाए हुए था। हैरान करने वाली बात यह है कि भारत में हमारे 40 से ज्यादा सीआरपीएफ (CRPF) जवानों की शहादत का कारण बने पुलवामा हमले की बड़ी साजिश में शामिल होने के बाद, वह पाकिस्तान में अपनी पहचान छिपाकर एक स्कूल शिक्षक (Teacher) के रूप में रह रहा था और वहीं से नए लड़कों को आतंक की राह पर धकेलने का काम कर रहा था।
आतंकी नेटवर्क में मची खलबली, सुरक्षा एजेंसियां रख रही हैं नजर
मुजफ्फरबाद में हुई इस सटीक टारगेट किलिंग के बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है, हालांकि हमलावर वारदात को अंजाम देकर आसानी से फरार होने में कामयाब रहे। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ समय से पाकिस्तान और PoK में भारत के दुश्मनों का जिस तरह से सफाया हो रहा है, उसके पीछे आतंकी गुटों की आपसी गैंगवार (प्रतिद्वंद्विता) या आंतरिक विवाद भी एक बड़ा कारण हो सकता है। फिलहाल, भारतीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम और सीमा पार सक्रिय आतंकी नेटवर्क के भीतर मची इस खलबली पर बेहद बारीकी से नजर रख रही हैं।