​पीलीभीत। जिले की सुरक्षा और जनहित के मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य कुमुद गंगवार के नेतृत्व में बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में भारी विरोध प्रदर्शन किया गया। आगामी वर्ष 2026 के लिए बाढ़ सुरक्षा और राहत की तैयारियों को लेकर शासन द्वारा पीलीभीत की अनदेखी किए जाने के विरोध में कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने जमकर नारेबाजी की और कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पीलीभीत भौगोलिक रूप से बाढ़ के प्रति अत्यंत संवेदनशील है, लेकिन सरकारी रिपोर्टों में इसे शामिल न करना जिला प्रशासन और शासन की बड़ी विफलता को दर्शाता है।
​धरना-प्रदर्शन के पश्चात कुमुद गंगवार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर से मुलाकात की और उन्हें महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से शासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया कि उत्तर प्रदेश स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की ‘फ्लड मॉक एक्सरसाइज रिपोर्ट-2025’ में प्रदेश के 44 बाढ़-प्रभावित जिलों की सूची से पीलीभीत का नाम गायब है। कुमुद गंगवार ने तर्क दिया कि रिपोर्ट में गोमती, शारदा और घाघरा जैसी नदियों का तो जिक्र है, लेकिन देवहा नदी (जिसे गर्रा के नाम से भी जाना जाता है) की पूरी तरह अनदेखी की गई है, जबकि यह नदी जिले के अमरिया, मरौरी, ललौरी खेड़ा, बरखेड़ा और बीसलपुर जैसे ब्लॉकों में हर साल भारी तबाही मचाती है।


​ज्ञापन में मुख्य रूप से मांग की गई है कि पीलीभीत को अविलंब बाढ़ के प्रति संवेदनशील जिलों की श्रेणी में शामिल किया जाए ताकि भविष्य में होने वाली जन-धन की हानि को रोका जा सके। कुमुद गंगवार ने सिटी मजिस्ट्रेट को अवगत कराया कि यदि जिला इस सूची में आता है, तो आपदा के समय सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे और प्रभावित किसानों व ग्रामीणों को उचित मुआवजा मिलना आसान हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पीलीभीत का बच्चा-बच्चा देवहा और शारदा नदी के कहर से वाकिफ है, ऐसे में जिले को सूची से बाहर रखना प्रशासन की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
​सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए ज्ञापन स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि वह इस संवेदनशील मुद्दे को शासन के उच्च स्तर तक पहुँचाएंगे। प्रदर्शन के दौरान कुमुद गंगवार के साथ बड़ी संख्या में उनके साथी, स्थानीय किसान और जागरूक नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि जिले की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के स्थायी प्रबंध किए जाएं, अन्यथा जनता आने वाले समय में और भी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

(आधुनिक दुनिया को सभी स्थानों पर संवाददाताओं की आवश्यकता है। इच्छुक संपर्क करें- 8923815100 व्हाट्अप पर अपना नाम, स्थान, यदि कोई अनुभव है तो उसकी जानकारी और कहां से संवाददाता बनना चाहते हैं उस स्थान का नाम लिखें संपर्क करें। यदि आप पत्रकारिता सीखने के इच्छुक हैं, तो भी संपर्क कर सकते हैं।)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *