​पीलीभीत। जनपद के शिक्षण संस्थानों में ‘स्पिकमैके’ के तत्वावधान में भारतीय शास्त्रीय संगीत की एक भव्य श्रृंखला आयोजित की गई, जिसमें विश्व विख्यात कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से विद्यार्थियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नगर के लिटिल एंजिल्स स्कूल और लॉयन्स बाल विद्या मंदिर में आयोजित इन कार्यक्रमों में संगीत और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
​लिटिल एंजिल्स में उमड़ा संगीत का सागर लिटिल एंजिल्स स्कूल में कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पार्चन के साथ हुआ। यहाँ विश्व विख्यात सितार वादक पंडित (डॉ.) हरविंदर शर्मा ने राग ‘वृंदावन सारंग’ के स्वरों से महफिल सजाई। पंडित जी ने छात्रों की रुचि को देखते हुए शास्त्रीय रागों के साथ-साथ कई लोकप्रिय फिल्मी धुनें भी बजाईं, जिससे छात्र और अभिभावक झूमने पर मजबूर हो गए। विद्यालय के प्रधानाचार्य एन.सी. पाठक ने कलाकारों का स्वागत किया, वहीं हाउस कैप्टन ने पंडित हरविंदर शर्मा और तबला वादक पंडित जयदेव का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया।
​लॉयन्स बाल विद्या मंदिर में संगीत के ‘समय सिद्धांत’ की पाठशाला शनिवार, 25 अप्रैल को लॉयन्स बाल विद्या मंदिर के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित पंडित हरविंदर शर्मा और पंजाब घराने के प्रतिष्ठित तबला वादक पंडित जयदेव ने कला की अनुपम छटा बिखेरी।

इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि विद्यालय के ही कक्षा 12 के प्रतिभावान बाँसुरी वादक सम्यक पराशरी ने भी कलाकारों के साथ सुमधुर संगति कर सभी को अचंभित कर दिया।
​पंडित हरविंदर शर्मा ने विद्यार्थियों को संगीत के ‘समय सिद्धांत’ की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि प्रकृति के प्रहरों के अनुसार रागों का चयन हमारे मन-मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव डालता है। उन्होंने राग सारंग, भीमपलासी, अहीर भैरव, यमन और शिवरंजनी पर आधारित लोकप्रिय गीतों (जैसे- ‘मन रे तू काहे न धीर धरे’, ‘जब दीप जले आना’) के माध्यम से संगीत के वैज्ञानिक और शास्त्रीय पक्ष को बहुत ही सरल ढंग से समझाया।
​सांस्कृतिक गौरव का माध्यम कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की सचिव नीता मोदी और आयोजक संजीव पराशरी ने कलाकारों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। समापन पर प्रधानाचार्य डॉ. सोमेश शर्मा और हेड मिस्ट्रेस शालिनी शर्मा ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपने सांस्कृतिक गौरव से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। स्पिकमैके के प्रभारी संजीव पाराशरी ने सफल आयोजन हेतु विद्यालय प्रबंधन का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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