पीलीभीत। गोमती नदी के उद्गम स्थल के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश जल शक्ति मंत्रालय ने माधोटांडा स्थित गोमती उद्गम स्थल के सौंदर्यकरण के लिए ₹55.88 करोड़ की परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट से गोमती नदी के पुनर्जीवन के साथ-साथ क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
मंत्रालय ने परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की जिम्मेदारी वैप्कॉस लिमिटेड को सौंपी है। पीलीभीत सांसद एवं केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद द्वारा लंबे समय से इस मुद्दे को केंद्र सरकार के समक्ष उठाए जाने के बाद अब यह योजना धरातल पर उतरती नजर आ रही है।
परियोजना के अंतर्गत गोमती उद्गम स्थल पर घाटों का निर्माण, पैदल पथ (पाथ-वे), हरित क्षेत्र विकसित करने के लिए व्यापक वृक्षारोपण, पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं तथा धार्मिक-सांस्कृतिक स्वरूप के अनुरूप परिसर का सौंदर्यकरण किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि यह योजना केवल नदी संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और पर्यटन के माध्यम से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
गोमती सौंदर्यकरण की मंजूरी की खबर से स्थानीय लोगों व सामाजिक संगठनों में उत्साह है। लोगों का मानना है कि यह परियोजना पीलीभीत के सामाजिक और आर्थिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।