सितारगंज (उत्तराखंड)। शहर में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण मांग उठी है। मंगलवार को मेडिकल स्टोर बंद रहने की परंपरा से आम जनता को हो रही दिक्कतों को देखते हुए स्थानीय लोगों ने अब मोर्चा खोल दिया है। समाजसेवी अविनाश वाल्मीकि के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर सभी मेडिकल स्टोर रोजाना (सातों दिन) खोलने की मांग की है।
इमरजेंसी में भटकने को मजबूर जनता
ज्ञापन में लोगों ने दर्द साझा करते हुए कहा कि बीमारी कभी दिन और समय देखकर नहीं आती। वर्तमान में सप्ताह में एक दिन, विशेषकर मंगलवार को मेडिकल स्टोरों की पूर्ण बंदी रहती है। ऐसे में अगर अचानक किसी की तबीयत खराब हो जाए या किसी दुर्घटना की स्थिति में दवा की जरूरत पड़े, तो लोगों को दर-दर भटकना पड़ता है।
दवा के अभाव में गंभीर हो सकती है स्थिति
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आवश्यक दवाएं समय पर न मिलने के कारण कई बार मरीजों की स्थिति नाजुक हो जाती है। मजबूरन लोगों को दवा लेने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों या अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है, जो आर्थिक और शारीरिक दोनों रूप से कष्टकारी है। ज्ञापन देने वालों में रोहित, अनिकेत, चंदन, सन्नी, कुसुम और चंद्रपाल समेत कई नागरिक शामिल रहे।
जनहित में बदलाव की अपील
समाजसेवी अविनाश वाल्मीकि ने मेडिकल एसोसिएशन से अपील की है कि वे मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इस बंदी के नियम में बदलाव करें। उन्होंने मांग की कि मेडिकल स्टोरों को प्रतिदिन संचालित किया जाए ताकि सितारगंज की जनता को समय पर स्वास्थ्य लाभ मिल सके।
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