पीलीभीत। जनगणना 2027 के सफल संचालन और क्रियान्वयन को लेकर पीलीभीत में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में 15 अप्रैल 2026 से जनपद की समस्त तहसीलों में प्रगणकों और सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। जनगणना निदेशालय लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में पीलीभीत में कुल 15 चार्ज बनाए गए हैं। इनमें पांच तहसीलों को ग्रामीण क्षेत्र चार्ज के रूप में रखा गया है, जबकि तीन नगर पालिका परिषद और सात नगर पंचायतों को शहरी क्षेत्र चार्ज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आगामी जनगणना की सबसे विशेष बात इसका पूरी तरह डिजिटल होना है, जिसमें प्रगणक अपने स्वयं के स्मार्टफोन के माध्यम से डेटा संग्रहण का कार्य करेंगे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन तहसील सदर पीलीभीत के सभागार में जिलाधिकारी और प्रमुख जनगणना अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने किया।
डिजिटल जनगणना 2027 के प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने उपस्थित प्रगणकों और सुपरवाइजरों को संबोधित करते हुए इस कार्य की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जनगणना केवल व्यक्तियों की गिनती नहीं है, बल्कि यह भविष्य की नीतियों और विकास योजनाओं का आधार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बार की जनगणना डिजिटल स्वरूप में है, जिससे डेटा की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
जिलाधिकारी ने प्रशिक्षणार्थियों को निर्देशित किया कि स्मार्टफोन और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से डेटा संग्रहण करते समय पूरी सावधानी बरतें ताकि कोई भी परिवार या व्यक्ति गणना से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रगणकों और सुपरवाइजरों की भूमिका इस राष्ट्रीय अभियान की सफलता के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि कार्यशाला का उद्देश्य पूर्ण रूप से सफल हो सके। जिलाधिकारी ने सभी कर्मियों से टीम भावना के साथ काम करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर इस महत्वपूर्ण कार्य को संपन्न करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर जिला जनगणना अधिकारी प्रसून द्विवेदी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अर्चना सिंह और जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मेराज हुसैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनरों और फील्ड ट्रेनरों ने प्रशिक्षण की बारीकियों पर प्रकाश डाला। जनगणना 2027 के कार्यों को सुचारू रूप से संपन्न करने के लिए सीएमएमएस पोर्टल पर 4116 प्रगणकों और 688 सुपरवाइजरों का डेटा फीड कर उनकी ड्यूटी लगाई गई है, जिसमें 10 प्रतिशत रिजर्व कार्मिक भी शामिल किए गए हैं।
प्रशिक्षण की व्यवस्था को विकेंद्रीकृत करते हुए जनपद में कुल 18 केंद्र चिन्हित किए गए हैं। इन केंद्रों पर 40 से 50 प्रशिक्षार्थियों के छोटे समूह बनाकर कुल 102 बैचों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रत्येक बैच के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र निर्धारित किया गया है। पीलीभीत तहसील में 27 बैचों में 1252 और बीसलपुर में 30 बैचों में 1460 प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसी प्रकार पूरनपुर में 19 बैच, अमरिया में 14 बैच और कलीनगर में 12 बैच बनाए गए हैं। यह संपूर्ण प्रशिक्षण प्रक्रिया 30 अप्रैल 2026 तक पूर्ण कर ली जाएगी।
प्रशिक्षण प्रदान करने की जिम्मेदारी उन 72 फील्ड ट्रेनरों को दी गई है, जिन्हें मार्च माह में लखनऊ से आए मास्टर ट्रेनरों द्वारा पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। प्रशिक्षण अवधि के दौरान सभी प्रगणकों और सुपरवाइजरों के लिए जलपान और भोजन की व्यवस्था संबंधित चार्ज अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित की गई है। डिजिटल माध्यम से होने वाली इस जनगणना को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है, ताकि आंकड़ों का संग्रहण सटीक और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
(आधुनिक दुनिया को सभी स्थानों पर संवाददाताओं की आवश्यकता है। इच्छुक संपर्क करें- 8923815100 व्हाट्अप पर अपना नाम, स्थान, यदि कोई अनुभव है तो उसकी जानकारी और कहां से संवाददाता बनना चाहते हैं उस स्थान का नाम लिखें संपर्क करें। यदि आप पत्रकारिता सीखने के इच्छुक हैं, तो भी संपर्क कर सकते हैं।)