​पीलीभीत। जिला मुख्यालय स्थित रामा होटल में कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार द्वारा किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि ब्लॉक ललौरी खेड़ा तथा ब्लॉक अमरिया ततथा मरौरी के 68 गांवों के लगभग 10,000 से अधिक किसानों ने प्राकृतिक आपदाओं, जैसे सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि तथा छुट्टा पशुओं द्वारा फसलों के नुकसान से त्रस्त होकर महामहिम राष्ट्रपति को पत्र प्रेषित किए हैं। इन पत्रों के माध्यम से किसानों ने कर्ज माफी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी प्रदान करने की प्रमुख मांग की है। कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि देश कृषि प्रधान होने के बावजूद आज किसान गंभीर सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक चुनौतियों से जूझ रहा है और स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि किसान जीवन-मरण के कगार पर पहुंच गया है।
​उन्होंने वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार एमएसपी की कानूनी गारंटी देने में विफल रही है, जिसके कारण असली लाभ बिचौलियों को मिल रहा है और किसानों की दुर्दशा बढ़ती जा रही है। फसल बीमा योजना का लाभ भी किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा है क्योंकि इसकी प्रक्रिया अत्यंत जटिल है और क्लेम की शर्तें अपर्याप्त हैं। इसी हताशा के कारण किसानों के बेटे अब खेती से विमुख होकर शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं, जो देश की खाद्य सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उत्पादन लागत (C2) पर 50% लाभ सुनिश्चित करने की सिफारिश को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है, जबकि किसान कर्ज के दलदल में डूबता जा रहा है।
​कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि किसानों की यह लड़ाई केवल उनकी अपनी नहीं, बल्कि पूरे देश की खाद्य सुरक्षा और सामाजिक न्याय की लड़ाई है, जिसे अब आर-पार के स्तर पर लड़ा जाएगा।
जब कुमुद गंगवार से सवाल किया गया कि उनके आंदोलन के आगे की रणनीति क्या होगी तो उन्होंने बताया कि फिलहाल तो वह पीलीभीत जिले के सभी गांव में जाकर किसानों को जागरुक कर रहे हैं इसके बाद इसे मंडल व प्रदेश स्तर पर ले जाया जाएगा। उनसे फार्म रजिस्ट्रीके बारे में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उनका कहना था कि रासायनिक खाद के रॉ मटेरियल की कीमत बहुत अधिक हो गई है सरकार ने सब्सिडी बधाई नहीं है इतना उत्पादन में हो नहीं रहा कि सभी किसानों को खाद उपलब्ध हो सके इसकी सरकार ने ध्यान बांटने के लिए फार्म रजिस्ट्री की अनिवार्यता की है उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक के साथ खुशहाल नहीं होगा तब तक देश का वास्तविक विकास नहीं हो सकता।
इस अवसर पर कुमुद गंगवार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने महामहिम राष्ट्रपति से संवैधानिक हस्तक्षेप का अनुरोध किया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस और कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से प्रदीप मौर्या, अरविंद तिवारी, खुर्शीद अहमद, राम अवतार, घनश्याम, रामप्रसाद, भजनलाल, सूरज सागर, रामपाल सागर, आंगनलाल, योगेश कुमार, सोमपाल, मंगली प्रसाद, लालाराम, भागीरथ, पप्पू, टाकन लाल, रामपाल और खजांची बाबू ऊदल सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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