​पीलीभीत। उत्तर प्रदेश की जीवनदायिनी और आदि गंगा के रूप में पूजनीय माँ गोमती को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने के संकल्प के साथ शनिवार को ‘माँ गोमती दर्शन यात्रा-2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि प्रदेश के वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान और जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने उद्गम स्थल पर विधि-विधान से हवन-पूजन कर इस नौ दिवसीय पदयात्रा को रवाना किया। गोमती दर्शन संस्था की अध्यक्ष श्वेता सिंह और कार्यकारिणी सदस्यों की उपस्थिति में आयोजित यह यात्रा 28 मार्च से शुरू होकर 5 अप्रैल 2026 को लखनऊ में संपन्न होगी।


​उद्गम स्थल पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित करते हुए वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने गोमती नदी के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जनसमूह की मांग पर जिलाधिकारी और अधिशासी अभियंता (शारदा सागर खंड) को कड़े निर्देश दिए कि नदी की अविरल धारा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल उचित प्रबंध किए जाएं। मंत्री जी ने नदी के प्राकृतिक सौंदर्य को निखारने के लिए किनारों पर वृहद वृक्षारोपण करने और नदी की भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने पर जोर दिया, ताकि जल के प्राकृतिक बहाव (बेस फ्लो) को बढ़ाया जा सके।


​पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए वन मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गोमती में गिरने वाले नालों, सीवेज और औद्योगिक कचरे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए और उनके शोधन की पुख्ता व्यवस्था हो। उन्होंने आम जनमानस से अपील की कि नदी में किसी भी प्रकार का प्लास्टिक या अपशिष्ट न डालें। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य जन-भागीदारी के माध्यम से गोमती संरक्षण हेतु एक बड़ा सामाजिक अभियान चलाना है, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए इस पवित्र नदी को पुनर्जीवित किया जा सके।

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