सितारगंज (उधम सिंह नगर)। चैत्र नवरात्रि की पूर्णाहुति और रामनवमी के पावन अवसर पर सितारगंज के मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। विशेष रूप से सनातन धर्म मंदिर में माता रानी का ऐसा मनमोहक और भव्य श्रृंगार किया गया कि भक्त निहारते रह गए। सुबह से ही मंदिर परिसर जय माता दी के जयकारों से गूंज उठा और श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
आस्था की विरासत: आधा दशक पुरानी परंपरा
सनातन धर्म मंदिर कमेटी के सदस्य महेश मित्तल ने इस मौके पर एक भावुक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उनके परिवार ने आज से 50 वर्ष पूर्व मंदिर में माता रानी की दिव्य प्रतिमा की स्थापना की थी। तब से लेकर आज तक, आधे दशक से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। हर साल दोनों नवरात्रों में मित्तल परिवार पूरी श्रद्धा के साथ माता का विशेष श्रृंगार कराता है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुँचते हैं।
त्रिदेवियों के रूप में भक्तों के कष्ट हरती हैं मां
महेश मित्तल ने बताया कि माँ दुर्गा, माँ सरस्वती और माँ काली के संयुक्त स्वरूप में विराजमान माता रानी अत्यंत दयालु हैं। वे अपने शरण में आने वाले भक्तों के सभी कष्टों का निवारण करती हैं। रामनवमी के दिन माता के इस भव्य रूप के दर्शन मात्र से मन को असीम शांति मिलती है।
भक्तिमय माहौल में उमड़े श्रद्धालु
इस धार्मिक अनुष्ठान में मित्तल परिवार समेत भारी संख्या में भक्त शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य रूप से कपिल मित्तल, बुधराम मित्तल, गोविंद मित्तल, गणेश मित्तल, राकेश बंटी, संजय, आकाश और प्रियांश मित्तल मौजूद रहे। साथ ही सरिता मित्तल, संगीता, ममता, गिरिजेश, निशा, श्वेता मित्तल, विशाखा गोयल, गरिमा जैन, सुधा जिंदल, सीमा गोयल, हेमा पांडे, लक्ष्मी गोयल और कामिनी बोरा सहित कई महिलाओं ने माता के भजनों पर कीर्तन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
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