पीलीभीत। उत्तर प्रदेश शासन में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी अपने दो दिवसीय निर्धारित कार्यक्रम के तहत गुरुवार को जनपद पीलीभीत पहुंचीं। जनपद की सीमा में प्रवेश करने के पश्चात उन्होंने सर्वप्रथम पूरनपुर रेंज के गोपालपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन रेस्क्यू सेंटर का बारीकी से निरीक्षण किया और वन्यजीवों के संरक्षण हेतु इस केंद्र को शीघ्र अति शीघ्र क्रियाशील करने के कड़े निर्देश दिए। इसके उपरांत मुस्तफाबाद स्थित वन विश्राम गृह में उन्होंने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें जनपद की महत्वपूर्ण वानिकी परियोजनाओं और पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) के प्रबंधन से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान उन्होंने वनों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने और सभी विकास कार्यों को समय सीमा के भीतर पूर्ण करने पर विशेष बल दिया।
निरीक्षण कार्यक्रम के अगले चरण में प्रमुख सचिव ने टाइगर रिजर्व के जंगलों का भ्रमण कर वहां संचालित इको-टूरिज्म योजनाओं और विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया। इससे पूर्व, पीलीभीत टाइगर रिजर्व पहुंचने पर मुख्य वन संरक्षक (बरेली प्रमंडल) पी.पी. सिंह और उपनिदेशक मनीष सिंह ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा बैमूरी, प्रभागीय निदेशक भारत कुमार डीके, उप प्रभागीय बना अधिकारी रमेश चौहान महोफ के वन क्षेत्र अधिकारी सहेंद्र यादव और अन्य वरिष्ठ वन अधिकारी भी उपस्थित रहे।
प्रमुख सचिव ने मुस्तफाबाद में ‘बाघ मित्रों’ के साथ भी सीधा संवाद किया और बाघों के संरक्षण में उनके योगदान की सराहना की। अपने प्रवास के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को, वह कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं को हरी झंडी दिखाकर जंगल सफारी के लिए रवाना करेंगी, जिसका मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति जागरूक करना है।
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