पीलीभीत। जनपद में गन्ने की खेती अब पारंपरिक तरीकों से निकलकर आधुनिक तकनीक और डिजिटल संसाधनों की ओर बढ़ रही है। इसी क्रम में जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम भार्गव ने किसान सहकारी चीनी मिल बीसलपुर क्षेत्र के ग्राम भसूड़ा का भ्रमण कर प्रगतिशील किसान डॉ. हरमीत सिंह के ‘स्मार्ट गन्ना खेती मॉडल’ का अवलोकन किया।
भ्रमण के दौरान देखा गया कि डॉ. हरमीत सिंह ने अपने फार्म पर गन्ने की फसल को कीटों से बचाने के लिए सेंसर आधारित सोलर फेरोमोन लाइट ट्रैप लगाए हैं। यह तकनीक बिना कीटनाशकों के वैज्ञानिक तरीके से कीट नियंत्रण करती है, जो पूरी तरह इको-फ्रेंडली है। साथ ही, पूरे फार्म की निगरानी ड्रोन तकनीक से की जा रही है, जिससे फसल की सेहत और सिंचाई की जरूरत का सटीक डेटा प्राप्त होता है।
पानी की बचत और बेहतर उपज के लिए फार्म पर ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाई गई है। डॉ. हरमीत सिंह ने बताया कि उन्नत किस्म ‘को. लख. 14201’ से उन्होंने प्रति एकड़ 400 कुंतल से अधिक का रिकॉर्ड उत्पादन प्राप्त किया है। विशेष बात यह है कि इसी किस्म की चौथी पेड़ी की फसल अभी भी खेत में शानदार स्थिति में खड़ी है।
. हरमीत सिंह ने अपने खेत में गन्ने की नवीनतम किस्मों के साथ सहफसली खेती को अपनाया है, जिससे वह अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। फसल सुरक्षा के लिए उन्होंने सेंसर आधारित सोलर फेरोमोन लाइट ट्रैप लगाए हैं, जो रासायनिक कीटनाशकों के बिना कीट नियंत्रण का प्रभावी वैज्ञानिक तरीका साबित हो रहे हैं।
​पूरे फार्म की निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे फसल की सेहत, पानी की जरूरत और रोगों की जानकारी समय रहते मिल जाती है। सिंचाई के लिए ड्रिप सिस्टम अपनाकर जल संरक्षण के साथ-साथ पैदावार में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। किसान ने बताया कि उन्होंने को. लख. 14201 किस्म से प्रति एकड़ 400 कुंतल से अधिक का उत्पादन लिया है और वर्तमान में इसी किस्म की चौथी पेड़ी की फसल शानदार स्थिति में खड़ी है। आधुनिक किसान अब बेहतर उत्पादन के लिए सोशल मीडिया, यूट्यूब और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी बखूबी इस्तेमाल कर रहे हैं। इस निरीक्षण के दौरान ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मनोज साहू, सचिव राजेश कुमार, अमर नाथ दुबे और गुरदयाल सिंह सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।

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