पीलीभीत। क्षेत्र के प्रतिष्ठित गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, पूरनपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) इकाई के तत्वावधान में शनिवार को ग्राम रम्पुरा में एक वृहद साक्षरता अभियान का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचल में शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना और समाज से निरक्षरता के अंधकार को मिटाकर ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ना था। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर शिक्षा का महत्व समझाया।
अभियान को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने शिक्षा को मानव विकास की अनिवार्य कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और विकास का मूल आधार है। एक साक्षर समाज ही प्रगतिशील और शक्तिशाली राष्ट्र के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा सकता है, इसलिए समाज के हर व्यक्ति को साक्षर होने का संकल्प लेना चाहिए। वहीं, एन.एस.एस. की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मृदुला शर्मा ने स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल मंत्र केवल समाज सेवा ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक वैचारिक परिवर्तन लाना भी है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित ने अपने संबोधन में साक्षरता के व्यावहारिक लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि साक्षरता व्यक्ति को न केवल जागरूक और आत्मनिर्भर बनाती है, बल्कि उसे एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने अधिकारों के प्रति सचेत भी करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज के प्रत्येक वंचित वर्ग को शिक्षा से जोड़ना हम सभी की सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है।
औपचारिक संबोधन के पश्चात, एन.एस.एस. स्वयंसेवकों ने ग्राम रम्पुरा की गलियों में एक भव्य जागरूकता रैली निकाली। हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर छात्र-छात्राओं ने ‘आधी रोटी खाएंगे, स्कूल जरूर जाएंगे’ जैसे नारों के साथ ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित किया। स्वयंसेवकों ने डोर-टू-डोर संपर्क अभियान चलाकर अभिभावकों को अपने बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने और स्वयं भी साक्षर बनने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर शाहिद खान, डॉ. सौरभ सक्सेना, डॉ. राजिया शकील, अंकित गुप्ता और सोनू सहित महाविद्यालय स्टाफ और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।