​पीलीभीत। गोमती नदी के अस्तित्व को बचाने और जन-जन को जल संरक्षण से जोड़ने के उद्देश्य से निकली ‘गोमती जीवन यात्रा’ सोमवार को अपने दूसरे दिन के पड़ाव पर रही। यात्रा के दूसरे दिवस का शुभारंभ विकासखंड पूरनपुर के घाटमपुर स्थित त्रिवेणी घाट से हुआ, जहाँ मुख्य यात्रियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नदी पूजन, कलश पूजन और गोमती ध्वज का पूजन किया। इस दौरान आयोजित गोष्ठी में वरिष्ठ साहित्यकार सतीश मिश्रा ‘अचूक’ ने नदी की लुप्त होती धारा पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पूर्व के प्रयासों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि बिना जन-सहयोग के नदी का प्राचीन स्वरूप लौटाना संभव नहीं है।
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​त्रिवेणी घाट से प्रस्थान कर यात्रा घुंघचिहाई ग्राम पहुंची, जहाँ वीरेंद्र प्रताप सिंह ध्रुव ने ध्वज पूजन कर यात्रियों का भव्य स्वागत किया। इस दौरान ‘यूथ इन एक्शन’ के संयोजक शतरुद्र प्रताप ने उपस्थित ग्रामीणों और युवाओं को नदी संरक्षण की सामूहिक शपथ दिलाई। यात्रा का अगला पड़ाव सिमरघाट रहा, जहाँ सिद्ध बाबा के स्थान पर संतों से आशीर्वाद प्राप्त कर यात्रा गुलड़िया भूपसिंह पहुंची। यहाँ भाजपा नेता सूर्यवीर सिंह ‘रामू’ के आवास पर आयोजित श्रीरामचरित मानस पाठ की पूर्णाहुति में सम्मिलित होते हुए वक्ताओं ने भावुक अपील की। सूर्यवीर सिंह ने कहा कि हम अपनी कुशलता के लिए नदी से प्रार्थना तो करते हैं, लेकिन यदि नदी ही कुशल नहीं रहेगी, तो हमारी कुशलता का आधार ही समाप्त हो जाएगा।


​दूसरे दिन की यात्रा का समापन सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल एकौहत्तरनाथ में हुआ। यहाँ गोमती यात्रियों ने महादेव बाबा के दर्शन कर यात्रा की निर्बाध सफलता और गोमती की अविरल धारा के लिए विशेष प्रार्थना की। आज की यात्रा में संयोजक अंशुमन तिवारी, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के ब्रज प्रांत महामंत्री अकलीम अहमद मलिक, गोमती भक्त राममूर्ति वर्मा, निर्भय सिंह, लक्ष्मण वर्मा, आदित्य श्रीवास्तव और आशीष सहित सैकड़ों गोमती भक्त व ग्रामीण उपस्थित रहे। यात्रियों ने संकल्प लिया कि वे गोमती के उद्गम स्थल (फुलहर झील) से लेकर उसके अंतिम छोर तक जनचेतना की इस मशाल को जलाए रखेंगे।

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