विधि संवाददाता,पीलीभीत। जनपद की विशेष न्यायालय (गैंगस्टर एक्ट) ने करीब 12 वर्ष पुराने एक आपराधिक मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश गीता सिंह ने गैंगस्टर एक्ट के आरोपित मंजीत सिंह उर्फ मुंशी को दोषी करार देते हुए दो वर्ष, दस माह और सोलह दिन के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने आरोपित पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 17 नवंबर 2014 का है, जब थाना माधोटांडा के तत्कालीन प्रभारी के.पी. सिंह यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, रतन सिंह ने क्षेत्र में एक संगठित आपराधिक गिरोह बना रखा था, जिसमें जसविंदर सिंह, कुलवंत सिंह, शम्भू उर्फ बलजिंदर सिंह और मंजीत सिंह सक्रिय सदस्य के रूप में शामिल थे। यह गिरोह अपने भौतिक और आर्थिक लाभ के लिए संगठित होकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था। गिरोह का क्षेत्र में इतना अधिक भय और आतंक था कि आम जनता का कोई भी व्यक्ति इनके विरुद्ध गवाही देने का साहस नहीं जुटा पाता था।
पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ग्राम कीरतपुर अकबरपुर निवासी आरोपित मंजीत सिंह उर्फ मुंशी ने न्यायालय में अपनी पत्रावली अलग कर सुनवाई करने का प्रार्थना पत्र दिया था, जिसे स्वीकार करते हुए न्यायालय ने अलग से सुनवाई की। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार शुक्ल ने प्रभावी पैरवी की और साक्ष्य प्रस्तुत किए। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध तथ्यों और दलीलों को सुनने के बाद मंजीत सिंह को गैंगस्टर एक्ट का दोषी पाया और उसे जेल व जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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