पीलीभीत। “मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर, लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया…” यह पंक्तियाँ पीलीभीत के सीमावर्ती गाँव कुर्रा में जन्मे मोहम्मद अफ़रोज़ के जीवन और उनके संकल्प पर पूरी तरह सटीक बैठती हैं। हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश के अग्रणी संस्थानों में पहुँचे, लेकिन अक्सर आर्थिक तंगी और मार्गदर्शन के अभाव में कई होनहार बच्चों की प्रतिभा कुंठित हो जाती है। स्वयं कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए शिक्षा के बल पर वैश्विक मंचों पर उच्च पदों पर सेवा देने और कनाडा में व्यावसायिक सफलता हासिल करने वाले मोहम्मद अफ़रोज़ ने इस दर्द को गहराई से महसूस किया। अपनी मिट्टी से जुड़े रहते हुए उन्होंने कनाडा में रहकर ही पीलीभीत के ज़रूरतमंद बच्चों को तलाशना और उन्हें नि:शुल्क शिक्षा, पुस्तकें व आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना शुरू किया।
देखते ही देखते उनका यह व्यक्तिगत प्रयास एक बड़े जनांदोलन में बदल गया। इस पावन अभियान से लक्ष्मीकांत शर्मा, पंकज अग्रवाल, डॉ.एस. पी. एस. संधू, मुरली मनोहर अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार डॉ.अमिताभ अग्निहोत्री, कमर इक़बाल और एम. ए. जिलानी जैसे प्रबुद्ध समाजसेवी जुड़ते चले गए। इन सभी के सांझा प्रयासों से खकरा (लॉ कॉलेज के पास) ‘ब्लैस्ड चिल्ड्रन होम’ की स्थापना हुई। यह संस्थान महज एक शैक्षणिक केंद्र न होकर गरीब व मेधावी बच्चों के सपनों की नर्सरी बन चुका है, जहाँ अनुभवी फैकल्टी के मार्गदर्शन में प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी कराई जाती है। संस्थान की सफलता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गत वर्ष अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिया इस्लामिया की कक्षा 6, 9 व 11 की प्रवेश परीक्षाओं में यहाँ के 50 में से 14 बच्चों ने सफलता प्राप्त कर पूरे उत्तर प्रदेश में इतिहास रचा था।
महिला शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में “बिटिया पढ़ेगी, तभी समाज आगे बढ़ेगा” की सोच को धरातल पर उतारते हुए संस्थान ने पीलीभीत की पहली अत्याधुनिक, वाई-फ़ाई युक्त, एयर-कंडीशंड और पूर्णतः सुरक्षित नि:शुल्क डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत की है, जो 24 घंटे केवल छात्राओं के लिए समर्पित है। आज ‘ब्लैस्ड चिल्ड्रन होम’ अभिभावकों की पहली पसंद बन चुका है। संस्थान के प्रतिनिधि एम. ए. जिलानी ने बताया कि उनका उद्देश्य व्यापार करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना है।
उन्होंने जानकारी दी कि एएमयू और जामिया मिलिया इस्लामिया की कक्षा 6वीं, 9वीं व 11वीं की प्रवेश परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी हेतु संस्थान में 1 नवंबर से आवेदन फॉर्म मिलने शुरू हो गए हैं। आवेदन करने वाले सभी छात्रों का 17 नवंबर को चयन टेस्ट आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद चयनित मेधावियों के लिए 1 दिसंबर से नियमित नि:शुल्क कक्षाएं प्रारंभ कर दी जाएँगी। संस्थान ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे आर्थिक तंगी को बच्चों के भविष्य के बीच न आने दें और इस शैक्षणिक क्रांति का लाभ उठाकर उनके सपनों को नई उड़ान दें।