विधि संवाददाता, पीलीभीत। ​शिक्षा विभाग में हुए एक करोड़ रुपये से अधिक के बहुचर्चित घोटाले में जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रवींद्र कुमार ने दो आरोपी महिलाओं की अग्रिम जमानत याचिकाएँ सशर्त स्वीकार कर ली हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) राजीव कुमार ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि बीसलपुर स्थित जनता टेक्निकल कॉलेज के कर्मचारी इल्हाम उर रहमान शम्सी ने डीआईओएस कार्यालय में वेतन बिल और टोकन जनरेशन कार्य के दौरान कूटरचित ढंग से 1,01,95,135 रुपये की सरकारी धनराशि अपनी पत्नी अर्शी खातून के बैंक खाते में हस्तांतरित कर गबन किया था।
​इस मामले में पश्चिम बंगाल (कोलकाता) निवासी ज़ीनत बेगम तथा मणिपुर निवासी शेख सलीमा चिश्ती ने अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद दोनों महिलाओं की याचिकाओं को मंज़ूर कर लिया। अदालत ने जमानत के लिए सख्त शर्तें रखी हैं—आरोपियों को पुलिस विवेचना में पूर्ण सहयोग करना होगा, न्यायालय की हर नियत तिथि पर उपस्थित रहना होगा, गवाहों को डराने-धमकाने या प्रलोभन देने से बचना होगा, न्यायालय की अनुमति के बिना देश छोड़कर जाने पर पाबंदी रहेगी तथा वे इस प्रकार के किसी अन्य अपराध में संलिप्त नहीं होंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Site designed and maintained by Lalit Rastogi