देहरादून। अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय, उत्तराखंड में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ ने अभिसूचना एवं सुरक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक की। अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श के बाद उन्होंने आतंकवाद नियंत्रण, सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा, आगामी विधानसभा चुनाव, चारधाम यात्रा और कुंभ मेले को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
आतंकवाद नियंत्रण और कट्टरपंथ पर विशेष सतर्कता
डीजीपी ने आतंकवाद नियंत्रण के दृष्टिगत राष्ट्रीय स्तर पर संचालित आतंकवाद निरोधी नीति ‘प्रहार’ को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कथित रूप से कट्टर बनाने संबंधी इनपुट और उसके साथियों की देशभर में हुई गिरफ्तारियों के मद्देनजर सभी जनपदों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
चीन-नेपाल सीमा पर इंटर-एजेंसी समन्वय
डीजीपी ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे जनपदों में संदिग्ध गतिविधियों, सीमा पार से घुसपैठ और राष्ट्रविरोधी तत्वों की आवाजाही पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए उच्च स्तरीय इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।
इस बैठक में आईटीबीपी, एसएसबी, आईबी, सेना, राज्य पुलिस और एटीएस के शीर्ष अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री और VVIP सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
आगामी विधानसभा चुनाव और बढ़ती सुरक्षा संवेदनशीलता को देखते हुए डीजीपी ने मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी विधानसभा चुनावों और विशिष्ट महानुभावों (VVIPs) के प्रस्तावित कार्यक्रमों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा के कड़े इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा।
चारधाम यात्रा और कुंभ मेले को लेकर तैयारी
डीजीपी ने राज्य में लगातार बढ़ रही पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए वर्तमान चारधाम यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। आगामी कुंभ मेले और अन्य प्रमुख धार्मिक आयोजनों के निर्बाध एवं सकुशल संचालन के लिए ठोस सुरक्षा कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी
आगामी विधानसभा चुनाव, कुंभ मेले और धार्मिक आयोजनों के मद्देनजर फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स समेत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 24 घंटे सघन निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
डीजीपी ने कहा कि किसी भी भड़काऊ सामग्री या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों को समय रहते चिह्नित किया जाए। संवेदनशील और सांप्रदायिक मुद्दों से जुड़ी भ्रामक खबरों, छेड़छाड़ किए गए वीडियो, डीपफेक और अफवाहों का तत्काल आधिकारिक खंडन यानी फैक्ट-चेक जारी करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में महानिदेशक अभिसूचना/सुरक्षा अभिनव कुमार, आईजी एसटीएफ नीलेश आनंद भरणे, आईजी कार्मिक सुनील कुमार मीणा, आईजी पीएंडएम/मुख्यालय बरिंदरजीत सिंह, एसपी अभिसूचना मणिकांत मिश्रा, एसपी सुरक्षा/एटीएस सरिता डोबाल, एएसपी क्राइम लोकजीत सिंह, एएसपी अभिसूचना/सुरक्षा अंकुश मिश्रा, डीएसपी सुरक्षा जी.डी. जोशी, डीएसपी अभिसूचना मनोज असवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। सभी जनपदों के प्रभारी अभिसूचना ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े।