न्यूरिया में सात एकड़ भूमि पर बनेगा वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र सह प्रदर्शन फार्म
पीलीभीत। जिले को कृषि, बासमती उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। न्यूरिया हुसैनपुर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज परिसर में ₹15 करोड़ की लागत से बनने वाले ‘वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र सह प्रदर्शन फार्म’ का शिलान्यास किया गया। केंद्रीय मंत्री एवं पीलीभीत सांसद जितिन प्रसाद तथा प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने संयुक्त रूप से परियोजना की आधारशिला रखी।
यह केंद्र करीब सात एकड़ भूमि में स्थापित किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार केंद्र में बासमती एवं जैविक खेती से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां किसानों को उन्नत कृषि तकनीक का प्रशिक्षण देने के साथ बासमती धान की विभिन्न किस्मों का प्रदर्शन और बीज उत्पादन भी किया जाएगा।

‘चावल के कटोरे’ का गौरव लौटाने का दावा
शिलान्यास समारोह में केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि पीलीभीत के चौमुखी विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि पीलीभीत की पहचान लंबे समय से ‘चावल के कटोरे’ के रूप में रही है और डबल इंजन की सरकार इस गौरव को फिर से स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि बासमती अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र जिले के किसानों, युवाओं और चावल कारोबार से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। उनके मुताबिक, यह परियोजना कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के साथ किसानों की आय और बासमती के निर्यात को बढ़ावा देने में भी मददगार हो सकती है।


किसानों को मिलेगी आधुनिक खेती की ट्रेनिंग
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने केंद्र और राज्य सरकार की कृषि योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र के माध्यम से किसानों को उन्नत किस्म के बीज, आधुनिक पैकेजिंग तकनीक और प्राकृतिक खेती से जुड़ी जानकारी एवं प्रशिक्षण दिया जाएगा।
केंद्र में बासमती और जैविक खेती पर आधारित गैलरी, प्रयोगशाला, सम्मेलन कक्ष, सभागार और जैविक इनपुट के भंडारण जैसी सुविधाएं विकसित किए जाने की योजना है। इसके अलावा वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों के क्षमता विकास तथा कृषि तकनीक के प्रसार पर भी काम किया जाएगा।
कृषि मंत्री ने प्रदेश में किसानों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने रबी फसलों के लिए किसानों को निशुल्क बीज, सोलर पंप, ट्रैक्टर अनुदान और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने जैसी सरकार की प्राथमिकताओं की जानकारी दी।

निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
केंद्र की स्थापना का एक प्रमुख उद्देश्य पीलीभीत और आसपास के क्षेत्र में बासमती उत्पादन को बढ़ावा देना तथा किसानों को बाजार और निर्यात से जोड़ना है। प्रशिक्षण और प्रदर्शन फार्म के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और प्रसंस्करण से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की योजना है।
केंद्र में विकसित होने वाली सुविधाओं से बासमती की उन्नत किस्मों के प्रदर्शन और बीज उत्पादन के साथ कृषि क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान के प्रसार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

कार्यक्रम में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरनलाल लोधी, प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह औलख, बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, बीसलपुर विधायक विवेक वर्मा, एमएलसी डॉ. सुधीर गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधियों ने विचार रखे।
इस अवसर पर एपीडा के चेयरमैन अभिषेक देव, जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक सुकृति माधव, एपीडा की महाप्रबंधक विनीता सुधांशु, उप महाप्रबंधक सीबी सिंह, रितेश शर्मा, रीबा अब्राहम, सतीश गोयल सहित प्रशासनिक अधिकारी, एपीडा के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।