हरिद्वार/नई दिल्ली। अखिल विश्व गायत्री परिवार की संस्थापिका माता भगवती देवी शर्मा के जन्मशताब्दी वर्ष के द्वितीय चरण का विराट समारोह अब नजदीक है। आगामी 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में प्रस्तावित समारोह को लेकर गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं में उत्साह के साथ तैयारियां तेज हो गई हैं।
इसी क्रम में जन्मशताब्दी समारोह के दलनायक एवं देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने दीप प्रज्वलित कर साधना कक्ष का शुभारंभ किया। इसके साथ ही जन्मशताब्दी समारोह की सफलता के लिए यहां अखंड गायत्री महामंत्र की सामूहिक साधना का क्रम शुरू किया गया।
सामूहिक साधना में शामिल साधकों ने मां गायत्री का स्मरण करते हुए राष्ट्र, समाज और विश्व कल्याण की कामना की। इस दौरान नेपाल में आई बाढ़ के कारण असमय काल-कवलित हुए लोगों की आत्माओं की शांति और सद्गति के लिए भी प्रार्थना की गई।
माता भगवती देवी शर्मा के आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प
डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि जन्मशताब्दी वर्ष केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि माता भगवती देवी शर्मा के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का पावन संकल्प है। उन्होंने कहा कि माता जी ने अपना संपूर्ण जीवन नारी जागरण, संस्कार निर्माण और मानवता की सेवा के लिए समर्पित किया।
उन्होंने कहा कि साधना से व्यक्ति के अंतःकरण में शक्ति का संचार होता है और सामूहिक साधना से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है। यही सकारात्मक ऊर्जा जन्मशताब्दी समारोह के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में प्रेरक बनेगी।
नियमित चलेगी सामूहिक गायत्री साधना
जन्मशताब्दी समारोह के समन्वयक ने बताया कि साधना कक्ष में नियमित रूप से सामूहिक गायत्री महामंत्र साधना का क्रम जारी रहेगा। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़े सभी कार्यकर्ता स्वयं साधना से जुड़ेंगे और अधिक से अधिक लोगों को साधना, सेवा एवं संगठन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
इस अवसर पर शांतिकुंज व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरि सहित एनसीआर क्षेत्र से गायत्री परिवार से जुड़े अनेक भाई-बहन उपस्थित रहे।