रुद्रपुर। उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुकेश चन्द्र आर्या की अदालत ने दहेज के लिए अपनी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या करने वाले कलयुगी पति को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 5 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
शादी के कुछ महीने बाद ही शुरू हो गया था उत्पीड़न
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) लक्ष्मी नारायण पटवा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के न्यूरिया (गांव जटपुरा) निवासी रामविलास ने 7 अक्टूबर 2022 को इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। रामविलास ने अपनी शिकायत में बताया था कि वर्ष 2018 में उनकी बेटी रिंकी की शादी बरेली के हाफिजगंज (गांव कमुआ) निवासी शिशुपाल पुत्र श्री रामचरन के साथ हुई थी। लेकिन शादी के कुछ महीनों बाद ही पति शिशुपाल और उसके परिवार वालों ने रिंकी को दो लाख रुपये की नकदी के लिए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
पुलिस समझौते के बाद रुद्रपुर आए थे रहने
आरोप है कि ससुराल वालों ने कई बार रिंकी को बेरहमी से पीटकर घर से निकाल दिया था। साल 2022 में पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच एक लिखित समझौता हुआ। इसके बाद दंपत्ति रुद्रपुर के कोतवाली ट्रांजिट कैंप क्षेत्र के अंतर्गत आजाद नगर में आकर किराए पर रहने लगे। लेकिन पति की प्रताड़ना कम नहीं हुई।
15 गवाहों और सबूतों ने सिद्ध किया गुनाह
समझौते के कुछ समय बाद ही 7 अक्टूबर 2022 को मायके वालों को सूचना मिली कि शिशुपाल ने रिंकी की निर्मम हत्या कर दी है। पुलिस ने मामले की तफ्तीश कर कोर्ट में दहेज हत्या की चार्जशीट दाखिल की। यह मुकदमा तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुकेश चन्द्र आर्या की अदालत में चला। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी लक्ष्मी नारायण पटवा ने अदालत के सामने कुल 15 गवाह और पुख्ता सबूत पेश किए।
न्यायाधीश मुकेश चन्द्र आर्या ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने, मेडिकल रिपोर्ट और साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद पति शिशुपाल को हत्या का दोषी पाया। कोर्ट ने उसे कठोर आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाकर तत्काल जेल भेज दिया।