विधि संवाददाता, पीलीभीत। जानलेवा हमला कर परिजनों को गंभीर रूप से घायल करने के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविन्द्र कुमार की अदालत ने चारों आरोपियों की द्वितीय अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने मामले की गंभीरता और अपराध की प्रकृति को देखते हुए राहत देने से साफ इनकार कर दिया।
अभियोजन कथानक के अनुसार, थाना कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला फीलखाना निवासी मोहम्मद अबरार खान ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि गत 26 जून 2026 को वह अपने घर पर मोहर्रम की तैयारियां कर रहा था। उसी दौरान गली के ही निवासी शादाब हुसैन, रहबर हुसैन उर्फ शानू, उनके दो साले तथा 5-6 अन्य साथी हाथों में लोहे की रॉड और धारदार हथियार लेकर जान से मारने की नीयत से उसके घर में घुस आए। आरोपियों ने अबरार, उनके 65 वर्षीय बुजुर्ग पिता इसरार खान, पत्नी और बहनों पर जानलेवा हमला कर उन्हें बुरी तरह पीटकर घायल कर दिया। पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
इस मामले में नामजद आरोपी शादाब हुसैन, रहबर हुसैन (पुत्रगण सरवर हुसैन, निवासी मोहल्ला फीलखाना) तथा फैज़ान व फुरकान (पुत्रगण इरफान, निवासी मोहल्ला शेर मोहम्मद) की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविन्द्र कुमार के न्यायालय में द्वितीय अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) महेन्द्र पाल गंगवार ने पैरवी की। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का गहन अवलोकन करने के बाद आरोपियों की द्वितीय अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया।