कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर कमिश्नरेट के अंतर्गत आने वाले व्यस्ततम कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और आरपीएफ की संयुक्त चेकिंग टीम को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने स्टेशन परिसर के मुख्य प्लेटफॉर्म पर कूटनीतिक घेराबंदी करते हुए भारी मात्रा में प्रतिबंधित अवैध गांजे की तस्करी कर रही एक शातिर महिला ड्रग तस्कर को रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया है। कानपुर जीआरपी मुख्यालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, महिला के पास से जब्त किए गए उच्च गुणवत्ता वाले गांजे का कुल वजन 34 किलोग्राम मापा गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में अनुमानित कीमत 40 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।
जीआरपी थाना प्रभारी ने मामले का प्रामाणिक विवरण देते हुए बताया कि सावन मास और आगामी त्योहारों को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर कानपुर सेंट्रल स्टेशन के प्रवेश व निकास द्वारों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या एक के समीप दो बड़े वीआईपी ट्रॉली बैग लेकर संदिग्ध अवस्था में घूम रही एक महिला को महिला आरक्षियों की मदद से रोका गया। जब मर्चेंट या मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में उक्त महिला के दोनों ट्रॉली बैगों को खुलवाकर उनकी गहन तलाशी ली गई, तो कपड़ों के नीचे छिपाकर रखे गए गांजे के दर्जनों पैकेट शत-प्रतिशत सकुशल बरामद हुए, जिन्हें तुरंत विधिक प्रक्रिया के तहत सीज कर दिया गया।
स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार महिला आरोपी के खिलाफ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम की सुसंगत और गैर-जमानती धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेजने की विधिक लिखापढ़ी पूरी कर ली है। शुरुआती तकनीकी और मैनुअल पूछताछ में यह प्रमाणित हुआ है कि आरोपी महिला उड़ीसा और आंध्र प्रदेश के सीमावर्ती रूटों से सस्ते दामों में गांजे की यह बड़ी खेप लेकर आई थी और इसे कानपुर व आसपास के जनपदों के स्थानीय पैडलर्स को ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में थी। पुलिस ने महिला का मोबाइल फोन और डिजिटल डेटा अपने कब्जे में लेकर जांच साइबर सेल को सौंप दी है, ताकि इस ₹40 लाख के गांजा तस्करी नेटवर्क से जुड़े मुख्य सप्लायरों और खरीदारों को चिन्हित कर उनके खिलाफ भी कड़ा कानूनी शिकंजा कसा जा सके।