नई दिल्ली (11 जुलाई 2026)। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विभिन्न राज्यों के लिए आगामी मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार-पांच दिनों के दौरान देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में व्यापक और तेज बारिश होने की विधिक संभावना है। मौसम के इस बदलते मिजाज के प्रभाव में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्र, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और ओडिशा मुख्य रूप से शामिल रहेंगे।
असम, मेघालय और बिहार में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
प्राप्त प्रामाणिक और आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मौसम विभाग ने रविवार के लिए असम, मेघालय, सिक्किम, बिहार और पश्चिम बंगाल के हिमालय की तराई वाले क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश की आशंका को देखते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) जारी किया है। इसके अतिरिक्त, आगामी दो से तीन दिनों के भीतर वर्षा जनित इन क्षेत्रों के साथ-साथ अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, पूर्वी व पश्चिमी मध्य प्रदेश में आकाशीय बिजली कड़कने, गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान आने और अत्यधिक तेज़ हवाएं चलने की विधिक चेतावनी जारी की गई है। इसके विपरीत, दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश में कल तीव्र लू (Heatwave) की स्थिति बनी रह सकती है, जिसके लिए नागरिकों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
अल-नीनो के कारण सामान्य से कम रहेगा मॉनसून: डॉ. नरेश
आकाशवाणी से विशेष वार्ता के दौरान मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेश ने बताया कि अगले दो दिनों में पूर्वोत्तर भारत के कुछ चुनिंदा हिस्सों में 12 सेंटीमीटर से भी अधिक भारी बारिश दर्ज होने की संभावना प्रबल है। उन्होंने शनिवार की शाम को राजधानी दिल्ली के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी या हल्की बारिश का भी पूर्वानुमान व्यक्त किया है। हालांकि, मौसम वैज्ञानिक ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में किसी भी बड़े कम दबाव वाले सिस्टम (Low-Pressure System) के सक्रिय न होने के कारण, आगामी छह-सात दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के अधिकांश हिस्सों में वर्षा का स्तर सामान्य से काफी कम रहने की उम्मीद है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रभावी ‘अल-नीनो’ (El-Nino) की विधिक स्थिति के कारण चालू वर्ष में देश की कुल मॉनसून वर्षा का ग्राफ सामान्य से नीचे गिर गया है।