नई दिल्ली/भोपाल। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के केंद्रीय नेतृत्व ने मध्य प्रदेश की हाई-प्रोफाइल दतिया विधानसभा (सीट संख्या-22) पर होने वाले आगामी उपचुनाव के लिए अपने आधिकारिक प्रत्याशी के नाम का विधिक एलान कर दिया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने दतिया उपचुनाव के चुनावी समर में घनश्याम सिंह की उम्मीदवारी को अपनी अंतिम प्रशासनिक व संगठनात्मक मंजूरी प्रदान कर दी है। कांग्रेस हाईकमान के इस बड़े फैसले के बाद मध्य प्रदेश के राजनीतिक गलियारों सहित संपूर्ण दतिया विधानसभा क्षेत्र में चुनावी सरगर्मियां और रणनीतिक गठजोड़ तीव्र हो गए हैं।
बीजेपी के आशुतोष तिवारी से होगा घनश्याम सिंह का सीधा मुकाबला
प्राप्त प्रामाणिक और विधिक जानकारी के अनुसार, दतिया विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाए जाने के ठीक बाद कांग्रेस खेमे में भी बैठकों का दौर तेज हो गया था। स्थानीय समीकरणों, प्रबुद्ध नेताओं के फीडबैक और जमीनी सर्वे की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आखिरकार घनश्याम सिंह के नाम पर अपनी विधिक सहमति दी। घनश्याम सिंह को टिकट मिलने की आधिकारिक सूचना जैसे ही मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी और दतिया पहुंची, स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर और मिठाई बांटकर केंद्रीय नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया।
दतिया का चुनावी रण हुआ बेहद दिलचस्प, दोनों दलों ने झोंकी ताकत
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट हमेशा से ही राज्य की सबसे वीआईपी और कड़े मुकाबले वाली सीटों में शुमार रही है। ऐसे में इस उपचुनाव को जीतने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अपनी पूरी राजनीतिक ताकत झोंक दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस द्वारा घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने से पार्टी ने क्षेत्रीय समीकरणों और सत्ता विरोधी लहर को साधने का एक बड़ा प्रयास किया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों के मुख्य प्रत्याशियों के नाम का एलान होने के बाद अब दतिया का चुनावी मुकाबला पूरी तरह से आमने-सामने का हो चुका है। कांग्रेस संगठन ने उम्मीदवार की घोषणा के तुरंत बाद ही क्षेत्र में बूथ स्तर पर जनसंपर्क, चुनावी रैलियों और जनसभाओं का विस्तृत खाका तैयार करना शुरू कर दिया है।