​पीलीभीत। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा मनाए जा रहे राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, पीलीभीत के प्रधान कार्यालय में बैंकर्स संवेदनशीलता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सहकारी बैंकिंग प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा बैंक के अधिकारियों व शाखा प्रबंधकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, कृषि ऋण, ऋण वसूली तथा आधुनिक बैंकिंग तकनीकों के प्रति संवेदनशील बनाना था। कार्यक्रम में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक चन्द्र प्रकाश त्रिवेदी, जिला सहकारी बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष श्रीवास्तव सहित प्रधान कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों और सभी शाखाओं के शाखा प्रबंधकों ने प्रतिभाग किया।
​नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक चन्द्र प्रकाश त्रिवेदी ने अपने संबोधन में जिला सहकारी बैंक से केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में बढ़-चढ़कर सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने शाखा प्रबंधकों को कृषि एवं कृषि से संबद्ध गतिविधियों के लिए दीर्घकालिक ऋणों को बढ़ावा देने, किसानों की ऋण आवश्यकताओं के अनुरूप वित्तपोषण बढ़ाने तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, स्वयं सहायता समूहों एवं अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में अधिकाधिक ऋण स्वीकृत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और इस दिशा में सभी शाखाओं को सक्रिय प्रयास करने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बैंक कर्मियों की कार्यकुशलता एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित आधुनिक डिजिटल उपकरणों एवं तकनीकों के उपयोग पर विशेष बल दिया, ताकि बैंकिंग सेवाओं को अधिक दक्ष, पारदर्शी एवं ग्राहक-केंद्रित बनाया जा सके।
​कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शाखा प्रबंधकों को सम्मानित भी किया गया। ऋण वितरण एवं ऋण वसूली में सराहनीय प्रदर्शन करने वाले शाखा प्रबंधकों के साथ-साथ मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत सर्वाधिक ऋण स्वीकृत करने वाली शाखाओं के प्रबंधकों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष श्रीवास्तव ने नाबार्ड द्वारा दिए गए सुझावों की सराहना करते हुए उन्हें अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि बैंक इन सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए उन्हें यथाशीघ्र चरणबद्ध रूप से लागू करेगा। उन्होंने दोहराया कि बैंक किसानों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं तथा अन्य पात्र हितग्राहियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुँचाने तथा बैंक की कार्यकुशलता में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सहकारी बैंकिंग को और अधिक सशक्त बनाने तथा ग्रामीण विकास व वित्तीय समावेशन को गति प्रदान करने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।

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