पीलीभीत। पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर तीखे राजनीतिक प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले राम, गौ रक्षा और कानून-व्यवस्था के नाम पर जनता से जो वादे किए गए थे, वे अब केवल भाषणों तक ही सीमित रह गए हैं। वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के हालिया जिला दौरे के बावजूद न तो किसानों की परेशानियां दूर हो पाई हैं, न ही बिजली संकट का कोई समाधान निकला है और आम जनता को कोई राहत नहीं मिली है।
प्रेस वार्ता में महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए पूर्व मंत्री ने सरकार की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में होने वाले अपराधों पर कार्रवाई का पैमाना समान नहीं है; एक मामले में तुरंत बुलडोजर चला दिया जाता है, जबकि दूसरे मामलों में महज गिरफ्तारी कर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेटी किसी भी समाज या वर्ग की हो, अपराधी के खिलाफ कार्रवाई एक जैसी और सख्त होनी चाहिए। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री के दौरे के समय विपक्ष को पीड़ित परिवारों से मिलने से रोकने की घटना को उन्होंने प्रशासन की निष्पक्षता पर एक बड़ा सवाल बताया।
हेमराज वर्मा ने सरकार के गौ संरक्षण के दावों को भी पूरी तरह से खोखला करार दिया। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घायल और तड़पते हुए गौवंश सरकार के बड़े-बड़े दावों की असल हकीकत बयां कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने किसानों के सामने खड़े खाद संकट, अघोषित बिजली कटौती, कथित भ्रष्टाचार, मेडिकल कॉलेज की बदहाली, औद्योगिक हब की सुस्ती और बंगाली समाज की लंबे समय से लंबित मांगों का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि सरकार बुनियादी और जमीनी मुद्दों से पूरी तरह मुंह मोड़ चुकी है।
मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में किए गए राजनीतिक कटाक्षों पर पलटवार करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि कुंभकर्णी नींद में देश की जनता नहीं, बल्कि खुद सरकार सोई हुई है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की कथनी और करनी के बीच के बड़े अंतर को अब आम जनता अच्छी तरह समझ चुकी है और आने वाले चुनावों में मतदाता अपने वोट की ताकत से इसका लोकतांत्रिक जवाब देंगे।