देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में विभिन्न विभागों के वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत केंद्र पोषित योजनाओं, वाह्य सहायतित योजनाओं, नाबार्ड और स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI)  योजनाओं की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने त्रैमासिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए आईएफएमएस पोर्टल पर शीघ्र अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने वित्त विभाग को नाबार्ड के अंतर्गत पशुपालन, फिशरीज आदि आजीविका से संबंधित विभागों में बजट की कोई सीलिंग ना रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आजीविका से संबंधित इन योजनाओं को वाइब्रेंट विलेज में भी अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए, ताकि इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।

मुख्य सचिव ने नियोजन और वित्त विभाग को सभी विभागों से समन्वय बनाते हुए लगभग 2 से 3 हज़ार करोड़ के प्रस्तावों को तैयार रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं को शोर्ट लिस्ट करते हुए प्राथमिकता के आधार पर टेंटेटिव लिस्ट तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि विभागों द्वारा भी लगातार अच्छे प्रस्ताव तैयार करते हुए शासन को भेजे जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि किस योजना के लिए फंडिंग कहाँ से की जाएगी इस पर आगे विचार कर लिया जाएगा परंतु विभागों द्वारा प्रस्ताव तो लगातार तैयार किए जाने चाहिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए आधारभूत संरचनाओं के विकास में विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए नाबार्ड के अंतर्गत ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष (RIDF) के तहत की जा सकती है। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को स्कूल और अस्पताल भवनों को सुदृढ़ किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग को सौंग और जमरानी बांध निर्माण कार्य की फाइनेंसियल टाइमलाइन तैयार कर शीघ्र प्रस्तुत किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टाइमलाइन निर्धारित कर लगातार मॉनिटरिंग की जाए ताकि टाइमलाइन का अनुपालन किया जा सके।

मुख्य सचिव ने सिंचाई विभाग और उत्तराखण्ड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण UREDA को पीएम कुसुम प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान अभियान का लाभ अधिक से अधिक किसानों को पहुँचाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए प्रमुख सचिव ऊर्जा को सिंचाई और UREDA के साथ शीघ्र समन्वय बैठक आयोजित किये जाने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को प्रदेश के चारधाम यात्रा मार्गों सहित अन्य सभी महत्त्वपूर्ण यात्रा मार्गों को ईवी चार्जिंग स्टेशन से संतृप्त किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा की प्रदेश में आने वाले पर्यटक अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल लेकर यात्रा कर सकें इसके लिए इन चार्जिंग स्टेशंस की लोकेशन को गूगल मैप पर भी प्रदर्शित किया जाए ताकि लोगों का लंबे पहाड़ी रास्तों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल लाने का विश्वास पैदा हो सके।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, पीसीसीएफ श्री कपिल लाल, सचिव श्री दिलीप जावलकर, डॉ. बी.वी.आर. सी. पुरुषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. वी. षणमुगम,  डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री सी. रविशंकर, श्री युगल किशोर पंत एवं डॉ. एस.एन. पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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