पीलीभीत। उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार ने स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (पीलीभीत) एवं संबद्ध चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेज के रक्त केंद्र (ब्लड बैंक) की उपलब्ध सुविधाओं का अवलोकन किया और निर्माणाधीन नवीन 200 शैय्या (बेड) चिकित्सालय की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। अस्पताल परिसर पहुँचने पर मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा और वरिष्ठ चिकित्सकों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर माननीय मंत्री का आत्मीय स्वागत किया।
निरीक्षण के दौरान राज्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं तथा भविष्य की विस्तार योजनाओं की गहन जानकारी ली। उन्होंने रक्त केंद्र में सुरक्षित रक्त संग्रहण, आधुनिक परीक्षण और वितरण संबंधी व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए नए अस्पताल ब्लॉक के विस्तार कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर माननीय मंत्री संजय सिंह गंगवार ने भावुक होते हुए कहा कि यह चिकित्सा महाविद्यालय उनकी एक महत्वाकांक्षी और ‘स्वप्न परियोजना’ (ड्रीम प्रोजेक्ट) रही है, जिसे आज धरातल पर साकार रूप में देखकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने कहा कि इस संस्थान की स्थापना से जनपदवासियों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं अपने ही जिले में मिलने लगी हैं, जिससे स्थानीय लोगों के समय और धन दोनों की भारी बचत हो रही है।

कुशल प्रबंधन से जनता के बचे ₹370 करोड़, अन्य जिलों से भी आ रहे मरीज
माननीय मंत्री ने विशेष रूप से महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा और उनकी पूरी टीम के प्रयासों की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के कुशल नेतृत्व और स्वास्थ्यकर्मियों के अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप अब तक जनपद की जनता के लगभग 370 करोड़ रुपये की बचत हुई है, क्योंकि अब गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बरेली या अन्य बड़े शहरों की ओर नहीं भागना पड़ता। उन्होंने रेखांकित किया कि पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में अब न केवल स्थानीय बल्कि आसपास के कई अन्य जनपदों से भी मरीज आ रहे हैं, जो संस्थान की बढ़ती विश्वसनीयता और गुणवत्ता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह संस्थान प्रदेश के अग्रणी चिकित्सा केंद्रों में अपनी पहचान बनाएगा।
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण कार्यक्रम का सफल संचालन पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. विभूति गोयल द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. संगीता अनेजा ने माननीय मंत्री को संस्थान की हालिया उपलब्धियों, वर्तमान ओपीडी व आईपिडी सेवाओं तथा आगामी विकास योजनाओं से विस्तार से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान प्रमुख रूप से डॉ. अरुण सिंह, डॉ. जगदम्बा शरण, डॉ. कन्हैया लाल गुप्ता, डॉ. मुकेश पाण्डेय, डॉ. श्रेयसी, डॉ. रूपल खरे सहित महाविद्यालय के समस्त वरिष्ठ चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी और सुरक्षा कर्मी उपस्थित रहे। निरीक्षण का समापन जनहित में गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।