बिजनौर/हरिद्वार। उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली एक महिला की 12 साल बाद जिंदा घर वापसी की ऐसी चमत्कारिक कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखों में आंसू ला दिए हैं। जिस मां को मृत मानकर बेटों ने 12 साल पहले उसका अंतिम संस्कार कर दिया था और उसकी आत्मा की शांति के लिए सारे धार्मिक कर्मकांड पूरे कर चुके थे, वह महिला हरियाणा के एक आश्रम से जिंदा मिल गई है। वीडियो कॉल पर अपनी मां को जिंदा देखकर हरिद्वार में रह रहे बेटों के सब्र का बांध टूट गया और वे फूट-फूटकर रो पड़े।
🔍 याददाश्त वापस आते ही खुला 12 साल का रहस्य
जानकारी के अनुसार, बिजनौर निवासी राजो देवी पिछले 12 वर्षों से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता थीं। परिजनों ने उस वक्त उनकी हर जगह काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच एक लावारिस शव मिलने के बाद, परिस्थितियों को देखते हुए परिवार ने उसे राजो देवी समझकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। इसके बाद परिवार ने मान लिया था कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं। लेकिन असल में राजो देवी मानसिक संतुलन खोने के कारण हरियाणा के एक सामाजिक आश्रम में रह रही थीं। हाल ही में जब उनकी याददाश्त वापस लौटी, तो उन्होंने अपने परिवार और घर का पता बताया, जिससे इस पूरी गुत्थी से पर्दा उठ सका।
❤️ बेटों ने कहा- ‘यह भगवान के चमत्कार से कम नहीं’
राजो देवी के बेटे वर्तमान में उत्तराखंड के हरिद्वार में निवास कर रहे हैं। आश्रम प्रबंधन द्वारा जब बेटों से संपर्क किया गया और वीडियो कॉल के जरिए मां-बेटों का आमना-सामना कराया गया, तो पूरा माहौल भावुक हो गया। 12 साल के लंबे इंतजार और उम्मीद हार चुके परिवार के लिए मां का इस तरह वापस मिलना किसी पुनर्जन्म जैसा है। बेटों का कहना है कि 12 साल बाद घर लौटी मां उनके जीवन में सबसे बड़ी खुशियां लेकर आई हैं और यह किसी दैवीय चमत्कार से कम नहीं है। अब पूरा परिवार अपनी मां को वापस लाने की तैयारियों में जुटा है।