पीलीभीत। कलेक्ट्रेट परिसर में विद्युत विभाग के संविदा लाइनमैन विजय राठौर की करंट लगने से हुई मृत्यु का मामला अब गहराता जा रहा है। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने इस घटना को विभाग की गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की पुरजोर मांग की है। बुधवार को रालोद जिलाध्यक्ष अनिल चौधरी एवं नगर अध्यक्ष वीरेन्द्र रस्तोगी के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचा, जहां जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर एवं एसडीएम सदर (न्यायिक) पवन सिंह से मुलाकात कर पूरे प्रकरण पर विस्तृत चर्चा की।
रालोद नेताओं का आरोप है कि प्रथम दृष्टया यह घटना सुरक्षा मानकों की अनदेखी को दर्शाती है, क्योंकि कार्य पर भेजे गए संविदा कर्मी के पास आवश्यक सुरक्षा उपकरण तक उपलब्ध नहीं थे। इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने घायल विजय को समय पर अस्पताल न पहुंचाए जाने के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है। नगर अध्यक्ष वीरेन्द्र रस्तोगी ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी आंदोलनात्मक कदम उठाने को विवश होगी। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। इस प्रतिनिधिमंडल में फहीम खान, पुष्पेंद्र कुमार, विनोद कुमार सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
यह दुखद घटना न सिर्फ प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है, बल्कि उन तमाम संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा को भी कटघरे में लाती है जो रोज अपनी जान जोखिम में डालते हैं। एक 22 वर्षीय युवक की मौत से जहां एक परिवार का सहारा छिन गया है, वहीं अब देखना यह होगा कि चुनावी मौसम में बड़े-बड़े दावे करने वाले सामाजिक और राजनीतिक चेहरे इस पीड़ित परिवार की मदद के लिए आगे आते हैं या फिर यह मामला भी फाइलों के ढेर में दफन होकर रह जाएगा।