नई दिल्ली। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक जुलाई से पेट्रोल और डीज़ल की बिक्री एवं वितरण पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध हटाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर ईंधन की बिक्री अब सामान्य व्यवस्था के तहत होगी।
मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी के बावजूद सरकार ने घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीज़ल की खुदरा कीमतों को स्थिर रखा। इससे खुदरा और थोक उपभोक्ताओं के बीच कीमतों का अंतर बढ़ गया था।
इसी स्थिति को देखते हुए 12 जून से अस्थायी नियामक उपाय लागू किए गए थे। इसके तहत खुदरा पेट्रोल पंपों पर एक ग्राहक या वाहन को प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर हाई स्पीड डीज़ल देने की सीमा तय की गई थी। साथ ही औद्योगिक, संस्थागत और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए अलग व्यवस्था लागू की गई थी, ताकि कालाबाज़ारी, जमाखोरी और अवैध बिक्री पर रोक लगाई जा सके।
मंत्रालय ने बताया कि अब देशभर में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य हो गई है और पेट्रोल-डीज़ल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित है। ऐसे में जनहित को ध्यान में रखते हुए एक जुलाई से सभी अस्थायी प्रतिबंध वापस लेने का फैसला किया गया है।