बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद अंतर्गत खुर्जा देहात क्षेत्र से प्राथमिक शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और छात्र सुरक्षा को कटघरे में खड़ा करने वाली एक बेहद गंभीर घटना प्रकाश में आई है। यहाँ के ग्राम दिनोल स्थित सरकारी जूनियर हाईस्कूल में स्कूल स्टाफ की घोर लापरवाही के चलते कक्षा 1 के एक मासूम छात्र को क्लासरूम के भीतर ही बंद कर दिया गया और पूरे स्कूल परिसर में ताला लगाकर शिक्षक व अन्य कर्मचारी अपने गंतव्य को रवाना हो गए। करीब डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में कैद रहा मासूम बच्चा डरा-सहमा रोता रहा, जिसे बाद में परिजनों और ग्रामीणों ने स्कूल पहुँचकर ताला तोड़कर बाहर निकाला।
प्राप्त विवरण के अनुसार, खुर्जा देहात क्षेत्र के गाँव दिनोल के निवासी सोहम (कक्षा 1 का छात्र) रोजाना की तरह सुबह स्कूल गया था। दोपहर में स्कूल की छुट्टी होने के बाद स्कूल प्रशासन और सहायक अध्यापकों में घर जाने की इतनी जल्दबाजी थी कि उन्होंने नियमानुसार कमरों की सघन चेकिंग करना भी मुनासिब नहीं समझा। छात्र सोहम कक्षा के भीतर ही मौजूद था, लेकिन स्टाफ ने बाहर से कुंडी चढ़ाकर उस पर ताला जड़ दिया। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी छात्र अपने घर नहीं पहुँचा, तो परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने पहले आस-पास और सहपाठियों के घरों पर सोहम की तलाश की, लेकिन जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजन दौड़ते हुए वापस स्कूल परिसर पहुँचे।
स्कूल के मुख्य द्वारों और कमरों पर ताला लटका देख परिजनों की चिंता और बढ़ गई। इसी दौरान जब उन्होंने कमरों के पास जाकर आवाज लगाई, तो एक बंद कमरे के भीतर से सोहम के रोने की आवाज सुनाई दी। बच्चे की आवाज सुनते ही ग्रामीणों और परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने तुरंत लोहे की रॉड और पत्थरों की मदद से कमरे का ताला तोड़ा और अंदर बंद मासूम को बाहर निकाला। अत्यधिक डरे होने और लगातार रोने के कारण बच्चे की हालत बिगड़ रही थी, जिसे परिजनों ने तुरंत प्राथमिक उपचार दिलाया। इस घटना को लेकर ग्रामीण शिक्षा विभाग के खिलाफ बेहद आक्रोशित हैं। ग्रामीणों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और खंड शिक्षा अधिकारी से संपर्क कर स्कूल के प्रधानाध्यापक सहित पूरे दोषी स्टाफ के खिलाफ तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई करने और विभागीय मुकदमा दर्ज कराने की माँग की है।