चेन्नई: तमिल सुपरस्टार थलपति विजय की जिंदगी इस समय एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहाँ एक तरफ मुख्यमंत्री की कुर्सी उनका इंतजार कर रही है, तो दूसरी तरफ उनकी आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ रिलीज के लिए संघर्ष कर रही है। एक अभिनेता से राजनेता बनने का यह सफर जितना रोमांचक है, उतना ही चुनौतियों से भरा भी।
एग्जिट पोल में TVK की धूम: क्या विजय बनेंगे मुख्यमंत्री?
तमिलनाडु चुनाव के नतीजों का ऐलान 04 मई को होना है। एग्जिट पोल के आंकड़ों ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को 90 से 140 सीटें मिलने का अनुमान जताया जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञ मान रहे हैं कि विजय किंगमेकर ही नहीं, बल्कि राज्य के अगले मुख्यमंत्री भी बन सकते हैं। प्रशंसकों में भारी उत्साह है कि उनका ‘थलपति’ अब आधिकारिक रूप से सत्ता की बागडोर संभालेगा।
‘जन नायकन’ पर ग्रहण: 4 महीने से अटकी फिल्म
एक ओर जहाँ राजनीति में विजय का सितारा बुलंद है, वहीं उनके अभिनय करियर की अंतिम फिल्म ‘जन नायकन’ मुसीबतों में घिरी हुई है। फिल्म को तैयार हुए 4 महीने बीत चुके हैं, लेकिन इसके रिलीज होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। फिल्म को कई मोर्चों पर नुकसान झेलना पड़ रहा है:
- सेंसर और आचार संहिता: सेंसर बोर्ड के साथ विवाद और चुनाव के कारण लागू आचार संहिता ने फिल्म की रिलीज को बार-बार टाला।
- पायरेसी की मार: रिलीज में देरी और इंटरनेट पर लीक (पायरेसी) की खबरों ने फिल्म के बिजनेस को पहले ही प्रभावित कर दिया है।
- मदुरै में विरोध: अब एक नई मुश्किल खड़ी हो गई है। मदुरै के कुछ निवासियों ने फिल्म के कुछ दृश्यों पर कड़ी आपत्ति जताई है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि विवादित सीन हटाए जाएं और विजय इस पर माफी मांगें।
परिवर्तन के दौर में सुपरस्टार
थलपति विजय के लिए यह समय जीवन के सबसे बड़े बदलाव का है। यदि चुनावी नतीजे एग्जिट पोल के अनुसार रहे, तो वह पूर्णकालिक राजनीति में कदम रखेंगे। लेकिन ‘जन नायकन’ के साथ जुड़ा विवाद उनके फिल्मी करियर की विदाई को थोड़ा कड़वा बना रहा है।
अब सबकी निगाहें 4 मई पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि विजय का ‘जन नायक’ अवतार पर्दे पर दिखेगा या विधानसभा के गलियारों में।