सितारगंज (उत्तराखंड)। गेहूं खरीद की सुस्त प्रक्रिया और सरकारी कांटों पर तौल न होने से नाराज किसानों का धैर्य बुधवार को जवाब दे गया। भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने वरिष्ठ विपणन अधिकारी (एसएमओ) कार्यालय का घेराव किया और तालाबंदी कर दी। आक्रोशित किसान कार्यालय के गेट पर ही दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
अधिकारियों के आश्वासन निकले खोखले
भाकियू चढूनी के प्रदेश अध्यक्ष गुरसेवक सिंह मोहार ने आरोप लगाया कि प्रशासन किसानों को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा, “अधिकारियों ने एक अप्रैल से तौल शुरू करने का वादा किया था, फिर सोमवार का आश्वासन दिया गया, लेकिन बुधवार तक पोर्टल बंद बताए जा रहे हैं।” किसानों का कहना है कि जानबूझकर एमएसपी (MSP) पर खरीद में देरी की जा रही है ताकि किसान औने-पौने दाम पर खुले बाजार में फसल बेचने को मजबूर हो जाएं।
बाजार में 300 रुपये प्रति कुंतल का घाटा
किसानों ने आरोप लगाया कि पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों और लक्ष्य न मिलने का बहाना बनाकर उनका शोषण किया जा रहा है। वर्तमान में किसान बाजार में 2300 रुपये प्रति कुंतल तक गेहूं बेचने को मजबूर है, जिससे उसे प्रति कुंतल 300 रुपये का सीधा घाटा हो रहा है। किसानों ने इसे अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत करार दिया है।
पोर्टल और लक्ष्य का फंसा पेंच
वहीं, एसएमओ विनय चौधरी ने सफाई देते हुए कहा कि सितारगंज के 8 केंद्रों में से उनके 2 केंद्रों पर 500 कुंतल का लक्ष्य था, जो पूरा हो चुका है। पोर्टल में लिमिट बढ़ते ही दोबारा तौल शुरू होगी। अन्य 6 केंद्र प्रभारियों का भी यही कहना है कि पोर्टल पर लक्ष्य न मिलने के कारण वे खरीद शुरू नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि, किसान अब किसी भी आश्वासन को मानने को तैयार नहीं हैं और अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दे रहे हैं।
यहां वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नवतेज पाल सिंह, किसान नेता दिलबाग सिंह, सुखवंत सिंह, गुरप्रीत सिंह दिओल, परविंदर सिंह, हरपाल सिंह, बलविंदर सिंह, बख्शीश सिंह, सुरजीत सिंह, सुखवीर सिंह, बलविंदर सिंह, हरविंदर सिंह, मनविंदर सिंह, नारायण सिंह राणा, मोहम्मद सलीम उपस्थित रहें।
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