सितारगंज। 57वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB), सितारगंज की ओर से नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के ग्राम नायकगोठ समवाय बूम में नि:शुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों के पशुओं का नि:शुल्क उपचार कर उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
कार्यवाहक कमान्डेंट दीपक सिंह जयाडा के निर्देशन में 24 अगस्त 2026 को आयोजित शिविर का नेतृत्व क्षेत्रक मुख्यालय, सशस्त्र सीमा बल, पीलीभीत के कमान्डेंट (पशु चिकित्सा) डॉ. गुरविंदरजित सिंह ने किया। शिविर में आसपास के ग्रामीण अपने पशुओं को लेकर पहुंचे और उनका उपचार कराया।
76 पशुओं का हुआ उपचार
शिविर के दौरान कुल 76 पशुओं का इलाज किया गया, जिससे 20 ग्रामीण लाभान्वित हुए। पशुपालकों को पशुओं में बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों से बचाव के बारे में भी जानकारी दी गई।
डॉ. गुरविंदरजित सिंह ने पशुपालकों को खुरपका-मुंहपका, गलघोटू, डिवॉर्मिंग, प्रजनन संबंधी समस्याओं, मिल्क फीवर और कीटोसिस जैसी गंभीर बीमारियों के लक्षण, बचाव और रोकथाम के उपायों के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही पशुओं के उचित रखरखाव, खान-पान और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया गया।
डेयरी उद्योग और पशुपालन को बढ़ावा देने पर जोर
शिविर के दौरान ग्रामीणों को नाबार्ड के माध्यम से पशुपालन के लिए ऋण उपलब्ध होने तथा डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि पशुपालन और डेयरी को रोजगार के साधन के रूप में विकसित कर ग्रामीण अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
SSB जवान और ग्रामीण रहे मौजूद
शिविर में निरीक्षक भूपेंद्र, सहायक उप निरीक्षक अनिल कुमार, मुख्य आरक्षी हरमुख सिंह और आरक्षी रेखा सहित SSB के कई जवान मौजूद रहे।
वहीं, ग्राम प्रधान श्रीमती कंचन देवी के साथ गांव के कई गणमान्य लोग भी शिविर में उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने सीमावर्ती क्षेत्र में SSB की ओर से चलाए जा रहे नागरिक कल्याण कार्यक्रमों की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. गुरविंदरजित सिंह, कमान्डेंट (पशु चिकित्सा) ने शिविर में पहुंचे सभी ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी सशस्त्र सीमा बल की ओर से सीमावर्ती क्षेत्रों में आम नागरिकों के उत्थान के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।